Maharashtra Fake Vehicle Fitness Certificate Probe: महाराष्ट्र सरकार ने वाहन फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया में सामने आई अनियमितताओं को गंभीरता से लिया है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने परिवहन आयुक्त को निर्देश दिए हैं कि मोटर वाहन अधिनियम के फॉर्म 38ए के तहत जारी किए गए फिटनेस प्रमाणपत्रों की विस्तृत जांच कर तत्काल सरकार को रिपोर्ट सौंपी जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन मंत्री ने कहा कि वाहन फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करते समय नियमों की अनदेखी या किसी भी प्रकार की अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी। सरकार का उद्देश्य फिटनेस प्रमाणन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है, ताकि सड़क सुरक्षा से जुड़े मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जा सके।
आरटीओ विभाग में भ्रष्टाचार के आरोपों की पृष्ठभूमि में सरकार पहले ही सख्त रुख अपना चुकी है। मानसून सत्र के दौरान परिवहन मंत्री के निर्देश पर सेवानिवृत्त और वर्तमान अधिकारियों की भूमिका की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। यह दल विभाग में हुई कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मामलों की जांच कर रहा है।
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परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर जिन अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध या दोषपूर्ण पाई जाएगी, उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार का कहना है कि परिवहन विभाग में पारदर्शिता बढ़ाने, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और वाहन फिटनेस प्रमाणन प्रणाली को विश्वसनीय बनाने के लिए भविष्य में भी ऐसी निगरानी और जांच जारी रहेगी।