महाराष्ट्र में बाल अपराधियों की आयु सीमा 16 वर्ष करने का प्रस्ताव,गंभीर अपराधों पर सख्ती की तैयारी

Age Limit For Juvenile Offenders: महाराष्ट्र सरकार बाल अपराधियों की आयु सीमा 18 से घटाकर 16 वर्ष करने का प्रस्ताव केंद्र को भेजेगी। गंभीर अपराध, नशा तस्करी और संगठित गिरोहों पर सख्ती की तैयारी।
Maharashtra Proposes 16 Year Age Limit For Juvenile Offenders
Devendra Fadnavis (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Updated on

16 Year Age Limit For Juvenile Offenders: महाराष्ट्र सरकार बाल अपराधियों की आयु सीमा 18 वर्ष से घटाकर 16 वर्ष करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजेगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में कहा कि बच्चों का इस्तेमाल अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी में करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के लिए कानून में आवश्यक बदलाव का प्रस्ताव भी रखा जाएगा।

गंभीर अपराधों में नाबालिगों के इस्तेमाल पर होगी सख्ती

जालना जिले में नाबालिगों से जुड़े बढ़ते अपराधों का मुद्दा विधानसभा में विधायक अर्जुन खोतकर ने उठाया, जिस पर वरिष्ठ विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने भी चर्चा में भाग लिया। जवाब देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि कुछ संगठित अपराधी बाल न्याय कानून की मौजूदा व्यवस्था का दुरुपयोग कर नाबालिग बच्चों से गंभीर अपराध करवाते हैं।

सरकार के संज्ञान में ऐसे कई मामले आए हैं, जिनमें 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों की हत्या, लूट, मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य गंभीर अपराधों में संलिप्तता सामने आई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इस गंभीर समस्या का वैज्ञानिक और व्यापक अध्ययन करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी।

समिति की रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक सुधार किए जाएंगे। साथ ही, संगठित अपराधों में बच्चों का इस्तेमाल करने वाले गिरोहों और उनके सरगनाओं के खिलाफ कड़े कानूनी प्रावधान लागू करने पर भी गंभीरता से विचार किया जाएगा, ताकि ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

जागरूकता और पुनर्वास पर जोर

राज्यमंत्री योगेश कदम ने बताया कि राज्य में बाल अपराध रोकने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता, परामर्श, साइबर सुरक्षा और नशा मुक्ति संबंधी कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। विशेष बाल पुलिस इकाइयों के माध्यम से 'केयर' (सीएआरई) कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है, जबकि बाल गृहों में शिक्षा, व्यक्तित्व विकास, परामर्श और पुनर्वास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

Navbharat Live
navbharatlive.com