सीएम देवेंद्र फडणवीस (सौ. सोशल मीडिया )
Maharashtra Energy Capacity 2035 Target: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महापारेषण से जुड़ी ऊर्जा परियोजनाओं की निर्माण गति तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि 2029-30 तक राज्य में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश होने वाला है, जिससे बिजली की मांग में भारी वृद्धि होगी।
इसलिए सभी चल रही ऊर्जा परियोजनाएं निर्धारित समय से पहले पूरी होनी चाहिए। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में महापारेषण की 13 में से 9 प्रमुख परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
Powering the Future: Securing Maharashtra’s Energy Vision 2035 Chaired a review meeting regarding the progress of Power Transmission Projects in the state. As electricity demand is projected to rise sharply by 2035, directions have been issued to ensure that these projects are… https://t.co/5YzvqM9W5g — Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) February 26, 2026
बैठक में मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, ऊर्जा विभाग की अपर मुख्य सचिव आभा शुक्ला, महावितरण के सीएमडी लोकेश चंद्रा, टाटा पॉवर, जेएसडब्ल्यू, अवाडा और सीमेंस जैसे उद्योग समूहों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बैठक में बताया कि फिलहाल राज्य में 37,682 मेगावाट बिजली उपलब्ध है, जो 2035 तक बढ़कर 80,197 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए नांदेड़, लातूर, सोलापुर, अकोला, जालना, धाराशिव, धुले और जलगांव जिलों में सौर, पवन और हाइब्रिड ऊर्जा परियोजनाएं लगाई जा रही हैं। भविष्य में 25% बिजली सौर ऊर्जा और लगभग 6% पंप स्टोरेज (पीएसपी) जलविद्युत से उत्पन्न होगी।
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मुख्यमंत्री ने महावितरण को आईपीओ के जरिए पूंजी बाजार में प्रवेश करने और कॉर्पोरेट गवर्नेस लागू करने की सलाह दी। कंपनी का वर्तमान में 76,189 करोड़ रुपए की बकाया है, जिसमें 59,527 करोड़ रुपये कृषि क्षेत्र से संबंधित हैं। निजी क्षेत्र से टैरिफ-आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (टीबीसीबी) के माध्यम से लगभग 30,000 करोड़ रुपए का निवेश कर 2।5 गीगावाट राउंड-द-क्लॉक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता विकसित की जाएगी। राज्य में अक्षय ऊर्जा का हिस्सा 2023 के 30% से बढ़कर 2030 तक 60% तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।