महाराष्ट्र में सियासी घमासान: वन विभाग पर शिरसाट का तंज, ‘कागजों में उग रहे पेड़’, नाईक से बढ़ा टकराव

Sanjay Shirsat vs Ganesh Naik: महाराष्ट्र में मंत्री संजय शिरसाट ने वन विभाग पर सवाल उठाते हुए वृक्षारोपण दावों को ‘कागजी’ बताया, जिससे शिंदे गुट और गणेश नाईक के बीच टकराव बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
Sanjay Shirsat Vs Ganesh Naik
संजय शिरसाट और गणेश नाईक (सौ. सोशल मीडिया )
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Maharashtra Political Conflict News: शिंदे गुट और वन मंत्री गणेश नाईक में फिर एक बार टकराव बढ़ता नजर आ रहा है, क्योंकि सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट ने यह कहते हुए नाईक की अप्रत्यक्ष रूप से आलोचना की है कि वन विभाग हर साल बड़ी संख्या में वृक्ष लगाने का दावा करता है, लेकिन असल में वे पेड़ जमीन पर दिखाई नहीं देते।

मंत्री शिरसाट के अनुसार पेड़ दिखाई नहीं देते या फिर जिंदा नहीं रहते, यह अपने आप में शोध का विषय है। पेड़ लगाने के नाम पर कागजी घोड़े दौड़ाए जा रहे हैं। उन्होंने वन विभाग के काम पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि लाखों पेड़ लगाने का दावा किया जाता है, लेकिन वे पेड़ कहां हैं।

असल में दिखाई नहीं दे रहे हैं पेड़

पौधों के जिंदा रहने की दर क्या है। पेड़ असल में जमीन पर दिखाई नहीं दे रहे हैं। हालांकि उन्होंने वन मंत्री गणेश नाईक का नाम नहीं लिया, लेकिन इससे शिंदे गुट और नाईक में फिर टकराव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। पिछले महीने फरवरी में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की आलोचना करने के बाद गणेश नाईक और शिंदे गुट में जुबानी जंग हुई थी।

दरअसल नाईक ने अप्रत्यक्ष रूप से शिंदे पर आरोप लगाया था कि हमारी ही सरकार के नगर विकास विभाग ने नवी मुंबई में बिल्डरों को प्लॉट दिए हैं। जबकि अस्पताल, गार्डन और स्कूल के लिए जमीन नहीं है। इस पर शिंदे के पुत्र व सांसद श्रीकांत शिंदे ने नाईक को खुली चुनौती दी थी कि यदि नाईक में हिम्मत है, तो वे आने वाला लोकसभा का चुनाव मेरे सामने लड़कर दिखाएं। शिरसाट ने चेतावनी दी थी कि नाईक संयम बरतें वरना यह लड़ाई सड़क पर आ जाएगी।

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