Maharashtra Nikaay Chunaav से पहले तटकरे-पार्थ विवाद तेज, दलवी ने दी नई सियासी चिंगारी
Maharashtra Nikaay Chunaav: रायगढ़ निकाय चुनाव से पहले महेंद्र दलवी ने तटकरे पर पार्थ पवार को जमीन विवाद में फंसाने का आरोप लगाया है। इससे शिवसेना (शिंदे) और राकां (अजीत) के बीच सियासी तनाव बढ़ गया।
- Written By: अपूर्वा नायक
पार्थ पवार जमीन घोटाला (सौ. सोशल मीडिया )
Ajit Pawar News: रायगढ़ जिले के पालक पर मंत्री पद को लेकर उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के मंत्री भरत गोगावले और उप मुख्यमंत्री अजीत पवार की राकां के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे के बीच जारी रार जिले में जल्द ही होनेवाले स्थानीय निकायों के चुनाव की तैयारियों भारी पड़ रही है।
चुनाव की तैयारियों के बीच महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया विवाद सामने आया है। शिवसेना (शिंदे गुट) के विधायक महेंद्र दलवी ने राकां (अजीत पवार) पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि राकां के मुखिया एवं उप मुख्यमंत्री अजीत पवार के पुत्र पार्थ पवार को उनकी अपनी ही पार्टी के नेताओं ने फंसाने का काम किया है।
दलवी ने इस तरह से प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे पर आरोप लगाकर उप मुख्यमंत्री अजीत पवार पार्टी की राकां में फूट डालने का प्रयास किया है।
सम्बंधित ख़बरें
‘चंदा दो या मंत्री पद छोड़ो!’ पार्थ पवार के अल्टीमेटम से NCP में हड़कंप, महाराष्ट्र में सियासी बवाल
चंद्रपुर: स्थानीय निकायों में 50% से अधिक आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट में अंतिम सुनवाई, कई नगरपालिकाओं पर संकट
नासिक विधान परिषद सीट पर भाजपा में बढ़ी खींचतान, गिरीश महाजन के करीबी नेताओं में टिकट की जंग
राकां में बढ़ी अंदरूनी खींचतान? पार्थ पवार-छगन भुजबल विवाद की चर्चाओं से सियासी हलचल
अजीत अपने बेटे को बचाने में लगे
कोरगांव एक में जमीन खरीद मामले के कारण विवादों में उलझे पार्थ पवार घर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है और अजीत पवार अपने बेटे को बचाने में लगे हैं। इसी पृष्ठभूमि में विधायक दलवी ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिरकार ऐन चुनाव के दौरान यह मामला बाहर कैसे आया?
रोहा में आयोजित एक सार्वजनिक सभा में दलवी ने कहा कि तटकरे पार्थ को बदनाम कर रहे हैं। तटकरे के राजनीतिक सफर को धोखाधड़ी का सफर करार देते हुए कहा कि अगर इनके पूरे राजनीतिक करियर को देखें तो विश्वासधात और धोखाधड़ी उनकी पहचान बन गई है।
ये भी पढ़ें :- Ladki Bahin Yojana में गड़बड़ी उजागर, सरकार ने ई-केवाईसी 31 दिसंबर तक बढ़ाई
अपनों को धोखा देना इनकी संस्कृति है, अपने ही लोगों को कसाना, उनका इस्तेमाल करके फिर उन्हें दागी बनाना, इनका पैटर्न है। ये जिस नेता के संरक्षण में काम करते है। उसे बोखा देना इनकी पहचान है। उन्होंने दूसरों को गिरा कर अपना रद बढ़ाया है। दलवी का दावा है कि अतीत को कमजोर करके तटकरे बीजेपी में जाने की तैयारी में है। उन्होंने अपना बैग भर लिया है।
