रितेश देशमुख की दोटूक, महाराज पर आपत्तिजनक टिप्पणी बर्दाश्त नहीं, उधर राऊत और भाजपा में छिड़ी जुबानी जंग
Maharashtra Controversy: महाराष्ट्र में धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर छिड़ा विवाद। संजय राऊत ने भाजपा को घेरा, तो भाजपा ने पूछा- महाराज के वंशजों का अपमान क्यों किया? रितेश देशमुख ने दी चेतावनी।
- Written By: गोरक्ष पोफली
संजय राउत, रितेश देशमुख व नवनाथ बन (सोशल मीडिया)
Bageshwar Baba Statement Controversy: शिवसेना (UBT) सांसद संजय राऊत ने इस मुद्दे पर आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज न कभी थके और न ही कभी दिल्ली की सत्ता के आगे झुके। उन्होंने उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और RSS प्रमुख मोहन भागवत को घेरते हुए सवाल किया कि जब मंच से ऐसे बयान दिए जा रहे थे, तब उन्हें चुप क्यों नहीं कराया गया? राऊत ने इसे ‘नया हिंदुत्व’ करार देते हुए आरोप लगाया कि जानबूझकर महाराष्ट्र की अस्मिता और भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा कि उपदेश देने से पहले वे स्वयं के आचरण पर ध्यान दें।
अभिनेता रितेश देशमुख का कड़ा रुख
मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता रितेश देशमुख ने भी इस विवाद में अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। अपनी आगामी ऐतिहासिक फिल्म ‘राजा शिवाजी’ के सिलसिले में भिवंडी के शक्तिपीठ पहुंचे रितेश ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “छत्रपति शिवाजी महाराज महाराष्ट्र के आराध्य दैवत हैं और उनके बारे में कोई भी आपत्तिजनक टिप्पणी कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री के बयान की निंदा करते हुए कहा कि महाराज का इतिहास प्रेरणादायी है और उनके प्रति श्रद्धा रखने वाला कोई भी शिवप्रेमी अपमान को सहन नहीं करेगा।
पहले माफी मांगें राऊत
इस विवाद में भाजपा ने संजय राऊत को उनके पुराने बयानों की याद दिलाते हुए पलटवार किया है। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन ने कहा कि संजय राऊत को शिवाजी महाराज पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि राऊत ने पूर्व में महाराज के वंशजों से सबूत मांगकर उनका अपमान किया था, जिसके लिए उन्होंने आज तक माफी नहीं मांगी।
सम्बंधित ख़बरें
अन्नदाता के लिए खुद को गला रहे रोहित पवार: अनशन के तीसरे दिन बिगड़ी तबीयत, मंच पर बिलख उठी बेटी, देखें वीडियो
महिला कार्यकर्ताओं तक पहुंच बढ़ाने के लिए शिवसेना चलाएगी विशेष अभियान, जानें क्या है एकनाथ शिंदे की रणनीति
गड़चिरोली: सिरोंचा के गांवों को सड़क से जोड़ने की मांग, 75 साल बाद भी सड़क का इंतजार; सीपीआई का ज्ञापन
स्कूल खुलते ही महंगाई का झटका, प्रति छात्र 3 हजार रुपये तक बढ़ा खर्च, किताबें, कॉपियां, बैग और यूनिफॉर्म महंगे
यह भी पढ़ें: ‘हमने सम्मान में बोला था’, शिवाजी महाराज वाले बयान पर हुए विवाद पर बोले धीरेंद्र शास्त्री; साजिश की जताई आशंका
भाजपा का हमला
भाजपा ने विपक्षी गठबंधन पर हमला बोलते हुए कहा कि सत्ता के लिए कांग्रेस के सामने घुटने टेकने वाले और औरंगजेब का महिमामंडन करने वालों को स्वाभिमान की बातें शोभा नहीं देतीं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब टीपू सुल्तान और शिवाजी महाराज की तुलना की जाती है, तब ठाकरे गुट मौन क्यों रहता है? भाजपा ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी अपमानजनक बयान का समर्थन नहीं करते, लेकिन हिंदुत्व के नाम पर दोहरा मापदंड अपनाने वालों को जनता सबक सिखाएगी। फिलहाल, महाराष्ट्र में यह विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ अस्मिता की लड़ाई है, तो दूसरी तरफ आगामी चुनावों को देखते हुए राजनीतिक वर्चस्व का संघर्ष।
