महाराष्ट्र में पिंक ई-रिक्शा योजना, पहले चरण में 5,000 महिलाओं को लाभ, लाइसेंस प्रक्रिया होगी आसान

Mumbai Local News: महाराष्ट्र में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 'पिंक ई-रिक्शा योजना' के तहत इस साल 5,000 महिलाओं को लाभ दिया जाएगा। मंत्री अदिती तटकरे ने लाइसेंस आसान करने की घोषणा की।
Maharashtra's Pink E-Rickshaw scheme aims to empower 5,000 women this fiscal year. Minister Aditi Tatkare announced free training and simplified RTO licensing.
पिंक ई-रिक्शा देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया)
Updated on

Maharashtra Pink E Rickshaw: राज्य सरकार की 'पिंक ई-रिक्शा योजना' महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगी। महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिती तटकरे ने विधान परिषद में बताया कि सरकार योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर काम कर रही है और चालू वित्तीय वर्ष में पहले चरण के तहत 5,000 महिलाओं को इसका लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है।

मंत्री तटकरे ने बताया कि वर्ष 2024 में प्रायोगिक आधार पर पुणे, नाशिक, नागपुर, अहिल्यानगर, अमरावती, छत्रपति संभाजीनगर, कोल्हापुर और सोलापुर में योजना शुरू की गई। पहले चरण की सफलता के बाद इसे अन्य शहरों और नगर परिषद क्षेत्रों तक विस्तारित किया जाएगा।

रोजगार के साथ सुरक्षित सफर

योजना का उद्देश्य महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ महिला यात्रियों को सुरक्षित यात्रा का विकल्प देना है, इसलिए ई-रिक्शा का संचालन महिला चालक द्वारा किया जाना अनिवार्य रखा गया है। हालांकि कुछ आवेदकों ने अन्य व्यक्ति से चलवाने की इच्छा जताई है।

सरल होगी लाइसेंस प्रक्रिया

मंत्री ने बताया कि प्रशिक्षण, चार्जिंग स्टेशन और अन्य सुविधाओं की जिम्मेदारी आपूर्तिकर्ता कंपनी को सौंपी गई है तथा प्रशिक्षण निःशुल्क दिया जा रहा है। परिवहन विभाग के साथ समन्वय कर लाइसेंस प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा, ताकि लाभार्थियों को आरटीओ कार्यालय के बार-बार चक्कर न लगाने पड़े। सरकार जनजागरूकता, प्रशिक्षण और विभागीय समन्वय बढ़ाकर योजना के लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रयासरत है।

5,000 महिलाओं को लाभ

  • चालू वित्तीय वर्ष में 5,000 महिलाओं को लाभ देने का लक्ष्य।
  • अब तक 130 पिंक ई-रिक्शा का वितरण।
  • राज्यभर से 9,940 आवेदन प्राप्त।
  • 20 प्रतिशत सरकारी अनुदान, 70 प्रतिशत बैंक ऋण और 10 प्रतिशत लाभार्थी का अंशदान।
  • महिला चालकों को निःशुल्क प्रशिक्षण और चार्जिंग सुविधा
Navbharat Live
navbharatlive.com