महाराष्ट्र में प्याज के दामों में भारी गिरावट, किसानों ने एमआईएस लागू करने की मांग तेज की
Onion Farmers Protest Maharashtra: महाराष्ट्र में प्याज की कीमतों में भारी गिरावट से किसान संकट में हैं। उत्पादक संघ ने सरकार से बाजार हस्तक्षेप योजना लागू करने की मांग करते हुए चेतावनी दी।
- Written By: अपूर्वा नायक
Onion Market (सोर्सः सोशल मीडिया)
Maharashtra Onion Price Drop MIS Demand: महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ ने सरकार से प्याज की कीमतों में आई तेज गिरावट को रोकने के लिए बाजार हस्तक्षेप योजना (एमआईएस) तुरंत लागू करने का आह्वान किया है।
संघ का कहना है कि कीमतों में गिरावट से किसान गंभीर वित्तीय संकट में फंस गए हैं। महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ के अध्यक्ष भरत दिघोले ने कहा कि प्याज की कीमतों में 50 प्रतिशत से अधिक गिरावट आई है जो स्पष्ट रूप से संकटग्रस्त बिक्री की स्थिति को दर्शाती है और एमआईएस लागू करने के मानदंडों को पूरा करती है।
- उन्होंने आगाह किया कि यदि तुरंत कदम नहीं उठाए गए तो राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे, उन्होंने सरकार से किसानों को राहत देने के लिए शीघ्र कार्रवाई करने का आग्रह किया। बाजार हस्तक्षेप योजना (एमआईएस), पीएम-आशा का एक हिस्सा है।
- इसका उद्देश्य किसानों को उन कृषि एवं बागवानी उत्पादों की खरीद के लिए उचित मूल्य उपलब्ध कराना है जो नाशवान होते हैं और मूल्य समर्थन योजना के दायरे में नहीं आते।
- सीएम देवेंद्र फडणवीस और डीसीएम एकनाथ शिंदे एवं सुनेत्रा पवार को भेजे गए ज्ञापन में दिघोले ने कहा कि समूचे महाराष्ट्र में प्याज उत्पादकों को कृषि उपज मंडी समितियों (एपीएमसी) में कीमतों में तेज गिरावट के कारण भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि यदि यह योजना लागू की जाती है तो बाजार में सरकार के खरीदार के रूप में प्रवेश से कीमतों को स्थिर करने, घबराहट में बिक्री को रोकने तथा व्यापारियों द्वारा दरे दवाने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
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मजबूरी में कम दाम पर बिक्री : दिघोरे
दिघोले ने कहा कि किसानों को फिलहाल प्याज के लिए 300 से 800 रुपये प्रति क्विंटल ही मिल रहे हैं जो अनुमानित 1,500 से 1,800 रुपये प्रति क्विंटल उत्पादन लागत के आधे से भी कम है। मौजूदा कीमतें तो कटाई और परिवहन लागत तक को पूरा करने के लिए भी पर्याप्त नहीं है जिससे किसान मजबूरी में कम दाम पर बिक्री कर रहे हैं। कई मामलों में किसानों को कम कीमतों के कारण सड़क पर प्याज फेंकने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
