महाराष्ट्र में मानसून कमजोर, राज्य के अधिकांश जिलों में औसत से 80% कम बारिश

Maharashtra Rainfall Deficit: महाराष्ट्र में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है। 1 से 21 जून 2026 के बीच राज्य में सामान्य वर्षा की तुलना में केवल 20 प्रतिशत बारिश दर्ज हुई है।
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Water Crisis (सोर्सः एआय जनरेटेड फोटो-सोशल मीडिया)
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Maharashtra Monsoon 2026: मानसून की सुस्त रफ्तार और बेमौसम गर्मी के बीच महाराष्ट्र सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग ने 21 जून 2026 को राज्य की मौसमी स्थिति का विस्तृत ब्यौरा पेश किया। 1 से 21 जून 2026 के बीच राज्य में औसत की तुलना में मात्र 20 प्रतिशत वर्षा दर्ज हुई है, जो पानी की भारी कमी का संकेत है।

35 में से 32 जिलों में "अत्यंत कम" वर्षा

भारतीय मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार राज्य में इस अवधि में सामान्य 5078।2 मिमी के मुकाबले केवल 818।9 मिमी वर्षा हुई है। रायगड में 97%, मुंबई शहर में 98%, पालघर में 94%, ठाणे में 100% और जलगाव में 95% कमी दर्ज की गई है। केवल धाराशिव, सांगली और लातूर जिलों में वर्षा "कम" श्रेणी में है, जबकि शेष सभी जिले "अत्यंत कम" श्रेणी में हैं।

मानसून अभी कोकण तक सीमित

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, 21 जून तक मानसून का आगमन केवल सिंधुदुर्ग, रत्नागिरी, कोल्हापुर और सांगली जिलों तक ही हो पाया है। मानसून की उत्तरी सीमा हरनई (कोकण) और सोलापुर (मध्य महाराष्ट्र) पर थमी हुई है। अगले 4-5 दिनों में मानसून के आगे बढ़ने की संभावना जताई गई है। 23 से 28 जून के बीच मुंबई और तटीय क्षेत्रों में अतिवृष्टि की चेतावनी भी जारी की गई है।

जलाशयों में पिछले साल से कम पानी

जलसंपदा विभाग के आंकड़ों के अनुसार 19 जून 2026 तक राज्य के 3028 बांधों में केवल 339।70 टीएमसी उपयुक्त जल संचय है, जो कुल क्षमता 1442।34 टीएमसी का मात्र 24 प्रतिशत है। पिछले वर्ष इसी तिथि को 477।10 टीएमसी यानी 33 प्रतिशत जल संचय था। कोयना, उजनी और मुला बांधों की स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक है, उजनी बांध में तो शून्य प्रतिशत उपयोगी पानी बचा है।

16-21 जून के बीच एक मौत, चार घायल

आपदा प्रबंधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 16 से 21 जून के बीच नागपुर में दीवार गिरने से एक व्यक्ति की मृत्यु हुई और बिजली गिरने से तीन व्यक्ति घायल हुए। जनवरी से जून 2026 के बीच कुल 59 मानव मृत्यु (बिजली 36, दीवार 20, पेड़ 3) और 313 पशुओं की मृत्यु दर्ज हुई है। सरकार ने सूखा राहत के लिए केंद्र से मिले 50 करोड़ रुपए का निधि कृषि विभाग को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की है।

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