महाराष्ट्र के मेडिकल कॉलेज (सौ. सोशल मीडिया )
Medical College Admission Process In Maharashtra: महाराष्ट्र के मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन प्रक्रिया के अंतिम चरण में लगभग 100 नई सीटें जोड़े जाने से पहले से दाखिला ले चुके विद्यार्थियों में असंतोष फैल गया है।
सीट अपग्रेडेशन का मौका न मिलने से नाराज कई विद्यार्थियों ने महाराष्ट्र कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीईटी) सेल को पत्र लिखकर मांग की है कि उन्हें स्ट्रे राउंड में भाग लेने की अनुमति दी जाए, जो वर्तमान नियमों के अनुसार तीसरे राउंड तक प्रवेश ले चुके छात्रों के लिए बंद है।
ऑनलाइन स्ट्रे वैकेंसी राउंड-1 की सीट मैट्रिक्स मंगलवार को जारी की गई। जब छात्रों ने देखा कि कुछ पसंदीदा मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ाई गई हैं, तो तीसरे राउंड में दाखिला ले चुके उम्मीदवार निराश हो गए क्योंकि अब उन्हें अपनी सीट अपग्रेड करने का मौका नहीं मिलेगा।
छात्रों का कहना है कि यह अन्याय है, क्योंकि अब उनसे कम मेरिट वाले विद्यार्थी इन नई सीटों पर दाखिला ले सकेंगे। हालांकि नियम के अनुसार तीसरे राउंड के बाद अपग्रेडेशन की अनुमति नहीं होती, लेकिन विद्यार्थियों का कहना है कि सीईटी सेल को इस बार अपवाद बनाना चाहिए और विशेष रूप से उन कॉलेजों के लिए पहले से दाखिला ले चुके छात्रों को स्ट्रे राउंड में भाग लेने की अनुमति देनी चाहिए, जहां नई सीटें जोड़ी गई हैं। जब अश्विनी रूरल कॉलेज जैसे प्रतिष्ठित कॉलेज में 50 नई सीटें जोड़ी जाती हैं, तो यह बड़ा अंतर पैदा करता है।
यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि योग्य छात्र, जो मेरिट लिस्ट में थोड़े नीचे थे, उन्हें तीसरे राउंड तक कम पसंद वाले कॉलेज या बीडीएस कोर्स चुनना पड़ा, जबकि अब उनसे कम रैंक वाले छात्र इन नए या बेहतर कॉलेजों में प्रवेश पा रहे हैं। यह बात कई छात्रों ने सीईटी सेल को भेजे गए पत्र में कही।
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हालांकि छात्र सीईटी सेल से सहानुभूतिपूर्वक विवार करने और पहले से दाखिला ले चुके विद्यार्थियों को स्ट्रे वैकेंसी राउंड में शामिल होने की अनुमति देने की मांग कर रहे है, परंतु सीईटी सेल के अधिकारियों ने किसी बदलाव की संभावना से इनकार किया है। एक अधिकारी ने कहा कि हम नियमों के अनुसार ही काम कर रहे हैं।”