LPG संकट के बीच राहत, होटल-ढाबों को 20% अतिरिक्त गैस सप्लाई का फैसला
LPG Distribution Policy Maharashtra: देशभर में गैस संकट के बीच महाराष्ट्र में होटल, ढाबे और खाद्य व्यवसायों को राहत मिली है।सरकार ने व्यावसायिक LPG सिलेंडर की आपूर्ति में 20% बढ़ोतरी का फैसला लिया है।
- Written By: अपूर्वा नायक
छगन भुजबल फाइल फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
Maharashtra LPG Supply Increase: देशभर में गैस सिलेंडर की कमी के बीच राज्य में होटल, ढाबे, उपहार गृह, औद्योगिक कैंटीन और खाद्य-प्रसंस्करण व डेयरी व्यवसायों के लिए राहत की खबर है।
केंद्र सरकार के निर्देश के अनुसार, इन व्यावसायिक एलपीजी उपयोगकर्ताओं को अतिरिक्त 20 प्रतिशत गैस की आपूर्ति की जाएगी। इस बात की जानकारी राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री छगन भुजबल ने दी।
केंद्र सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 21 मार्च को जारी निर्देशों के अनुसार पहले राज्य को व्यावसायिक सिलेंडर का 30 प्रतिशत वितरण स्वीकृत किया गया था।
सम्बंधित ख़बरें
Anna Hazare RTI Protest: मुंबई में हजारे-सूचना आयुक्त की बातचीत फेल, अन्ना अनशन को लेकर अटल
पहली बारिश में ही डगमगाई मुंबई लोकल, 39 फेरे रद्द होने से लाखों यात्री परेशान, पटरियों के नीचे बन रहा गड्ढा
‘बागी सांसदों को अलग गुट के रूप में मान्यता न दें…’, ठाकरे गुट की ओम बिरला के साथ मीटिंग में क्या-क्या हुआ?
महाराष्ट्र की जेलों में बदलाव की बयार! CM फडणवीस और TISS की पहल से मुख्यधारा में लौट रहे कैदी
अब 23 मार्च से अगले आदेश तक इस आपूर्ति में 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इसके परिणामस्वरूप कुल गैस आपूर्ति संकटपूर्व स्तर के 50 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी। खास बात यह है कि होटल, ढाबे, उपहार गृह, औद्योगिक कैंटीन और खाद्य प्रसंस्करण व डेयरी व्यवसायों को इस अतिरिक्त 20% आपूर्ति में प्राथमिकता दी जाएगी।
तेल कंपनियों को पंजीकरण जरुरी अतिरिक्त 20% आपूर्ति से संकट में फंसे होटल और उपहार गृह व्यवसायियों को राहत मिलेगी। हालांकि, गैस संबंधित व्यवसायियों को तेल विपणन कंपनियों के पास पंजीकरण करना और पीएनजी के लिए आवेदन करना अनिवार्य रहेगा। राज्य सरकार या स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं द्वारा चलाए जाने वाले अनुदानित कैंटीन, कम्युनिटी किचन और प्रवासी मजदूरों के लिए योजनाओं को भी इसका लाभ मिलेगा।
ये भी पढ़ें :- मुंबई का रानी बाग बना टूरिस्ट हॉटस्पॉट, 2 साल में 71 लाख से ज्यादा पर्यटक पहुंचे
केरोसिन संबंधित निर्णय
- लंबित केरोसिन वितरण लाइसेंसों को नवीनीकृत माना जाएगा और इसके लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। वारिसों के नाम पर लाइसेंस तुरंत वर्गीकृत किए जाएंगे।
- जिन गांवों में किरकोली केरोसिन लाइसेंसधारी नहीं हैं, वहां उचित मूल्य दुकानदार को किरकोली केरोसिन लाइसेंसधारी मानकर उसे लाइसेंस दिया जाएगा।
- किरकोली, हॉकर्स, अर्ध थोक और थोक कैरोसिन लाइसेंस की मंजूरी, नवीनीकरण और वारिसों के नाम पर वर्गीकरण के लिए 20 मार्च के पत्र के अनुसार सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
