लर्निंग लाइसेंस (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai News In Hindi: राज्य में वर्ष 2022 से 2025 के बीच लगभग 32 लाख लर्निंग लाइसेंस जारी किए गए, अब परिवहन विभाग ने यह पता लगाने के लिए जांच शुरू की है कि इनमें से कितने लाइसेंस अनियमित और गलत तरीकों से हासिल किए गए।
लर्निंग लाइसेंस की “फेसलेस” प्रणाली में सामने आई खामियों के बाद यह कार्रवाई की जा रही है। नागरिकों की सुविधा के लिए शुरू की गई फेसलेस प्रक्रिया पर तब सवाल खड़े हुए, जब जलना आरटीओ अधिकारियों ने विभाग को जानकारी दी कि कुछ लोग नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर के सुरक्षा सॉफ्टवेयर को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से बायपास कर रहे हैं।
इस तरीके से बिना उम्मीदवार की वास्तविक मौजूदगी के ही लर्निंग लाइसेंस की परीक्षा कुछ ही सेकेंड में पास की जा रही थी। परिवहन विभाग ने इस गंभीर खुलासे के बाद साइबर पुलिस और नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) की मदद से ऑडिट प्रक्रिया शुरू की है।
अधिकारियों के मुताबिक, सारथी वेबसाइट पर लर्निंग लाइसेंस परीक्षा के लिए उम्मीदवार को 15 सवाल हल करने के लिए कुल आठ मिनट का समय दिया जाता सामान्य रूप से यह परीक्षा पूरी करने में कम से कम चार से पांच मिनट लगते हैं। लेकिन जांच में ऐसे मामलों की पहचान की जाएगी, जहां टेस्ट सिर्फ 15 से 20 सेकेंड में पूरा किया गया।
एनआईसी से मिले डेटा के आधार पर यह भी देखा जाएगा कि कहीं फोटो या व्यक्तिगत विवरण में हेरफेर कर तो लाइसेंस नहीं लिया गया। संदिग्ध मामलों में संबंधित उम्मीदवारों को समन भेजकर पूछताछ की जाएगी। इस पूरे प्रकरण के बाद लर्निंग लाइसेंस की तकनीकी प्रणाली को भी मजबूत किया गया है।
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एनआईसी अधिकारियों के अनुसार, खामियों को दूर कर वेबसाइट में जरूरी बदलाव किए गए है। फिलहाल हैदराबाद में नए सिस्टम का परीक्षण चल रहा है और अगले 10 दिनों में इसे पूरे देश में लागू करने की योजना है।