प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI)
Israel-Iran War Impact On Hotel Industry: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध का असर अब महाराष्ट्र के होटल उद्योग पर साफ दिखने लगा है। गैस आपूर्ति प्रभावित होने से 40 प्रतिशत होटल बंद हो चुके हैं, जबकि हजारों कामगार गांव लौटने की तैयारी में हैं। हालात ऐसे बनते दिख रहे हैं कि एक बार फिर कोरोना काल जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। युद्ध शुरू होने के महज दस दिनों के भीतर ही गैस आपूर्ति प्रभावित हो गई, जिसका सबसे बड़ा झटका होटल व्यवसाय को लगा।
केंद्र सरकार के 7 मार्च के आदेश के तहत घरेलू गैस को प्राथमिकता दी गई है, जिसके बाद अस्पताल, स्कूल और छात्रावास आते हैं, जबकि होटल व्यवसाय को आखिरी क्रम में रखा गया है। राज्य में करीब पांच लाख छोटे-बड़े होटल हैं, जिनमें से 20 हजार होटल अकेले मुंबई में हैं। इस उद्योग पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग दो करोड़ लोगों की आजीविका निर्भर है। गैस संकट के चलते यह पूरा तंत्र प्रभावित हो रहा है।
होटल में ही रहने खाने वाले हजारों कामगार अब गांव लौटने लगे हैं। होटल मालिकों के लिए यह स्थिति चिंता का कारण बन गई है, क्योंकि कामगारों की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर होती है। मुंबई के होटल व्यवसायियों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल और अन्य नेताओं से मुलाकात कर समस्या रखी। ‘आहार’ संगठन ने मांग की है कि कम से कम होटल में रहने वाले कामगारों के लिए 50 प्रतिशत गैस उपलब्ध कराई जाए।
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कोविड काल में कामगारों के गांव लौटने से होटल उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ था और स्थिति सामान्य होने में महीनों लग गए थे। अब फिर वैसी ही स्थिति बनने की आशंका जताई जा रही है। कई होटल मालिकों ने मेन्यू में कटौती कर दी है और संचालन का समय भी घटा दिया है। यदि हालात जल्द नहीं सुधरे, तो और अधिक होटल बंद होने की संभावना है। फिलहाल 40 प्रतिशत होटल पहले ही बंद हो चुके हैं।