

Poor Patients Free Treatment: महंगे इलाज के कारण गरीब और जरूरतमंद मरीजों को उपचार से वंचित न रहना पड़े इसके लिए महाराष्ट्र सरकार ने निजी अस्पतालों और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के समन्वय से सुविधाओं का दायरा बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में पुणे के रूबी हॉल क्लिनिक और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की मंत्रालय में महत्वपूर्ण बैठक हुई।
स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर की अध्यक्षता में हुई बैठक में कार्डियक और कैंसर उपचार से लेकर अंग प्रत्यारोपण, प्रोटॉन थेरेपी और ग्रामीण क्षेत्रों में अत्याधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने पर चर्चा हुई।
रूबी हॉल क्लिनिक के संबद्ध अस्पताल में महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत कार्डियक व कैंसर उपचार उपलब्ध कराने पर विस्तार से विचार किया गया। इससे जरूरतमंद मरीजों को महंगे उपचार के लिए आर्थिक संकट का सामना कम करना पड़ेगा।
इसी कड़ी में अंगदान अभियान को गति देने के लिए राज्य सरकार ने अहम पहल की है। यदि अंग प्रत्यारोपण की महंगी सर्जरी का खर्च सरकारी योजना से मिलने वाली राशि से अधिक होता है।
पश्चिमी महाराष्ट्र के साथ गोवा, कर्नाटक के सीमावर्ती क्षेत्रों, गारगोटी और आसपास के ग्रामीण मरीजों के लिए कोल्हापुर के गारगोटी में अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक सेंटर शुरू करने की तैयारी है। यहां सिटी स्कैन, एक्स-रे, ईसीजी, 2डी इको, अल्ट्रासाउंड और महंगी रक्त जांच जैसी सुविधाएं कम दरों पर उपलब्ध कराने का प्रयास होगा। इससे मरीजों को पुणे-मुंबई जाने की जरूरत कम होगी।
जरूरतमंद मरीजों को सरकारी कॉर्पस फंड से अतिरिक्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश स्वास्थ्य मंत्री ने दिए। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री के साथ रूबी हॉल के ट्रस्टी डॉ. परवेज ग्रांट, डॉ. साइमन ग्रैंड, सीईओ डॉ. मुदित सक्सेना, सचिन दंडवते, पूनम चव्हाण, स्वास्थ्य विभाग के डॉ. मिलिंद कदम, कौस्तुभ थोरात, प्रसाद बिराजदार और गणेश तिकोने सहित अधिकारी उपस्थित थे।
वहीं कैंसर मरीजों के लिए पुणे में रूबी हॉल क्लिनिक के माध्यम से प्रोटॉन थेरेपी जैसी अत्याधुनिक सुविधा शुरू करने पर सकारात्मक चर्चा हुई। इसका उद्देश्य महंगे उपचार को कम लागत पर आम मरीजों तक पहुंचाना है। स्वास्थ्य मंत्री ने निजी अस्पतालों और सरकारी योजनाओं के बेहतर समन्वय से सर्वसामान्य मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।