

Maharashtra Govt Industrial Policies: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य में आ रहे बड़े निवेश को उद्योगों और रोजगार में बदलने के लिए निवेश क्षमता वाले क्षेत्रों की पहचान कर व्यापक नीतियां बनाई जाएंगी। उन्होंने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) का विस्तृत सर्वेक्षण कर इस क्षेत्र के लिए मजबूत औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए।
वर्षा निवास पर उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीतियां तैयार करते समय विशेषज्ञों और सफल उद्यमियों से चर्चा की जाए। उन्होंने कहा कि नीतियों के जरिए उद्योगों की कमियां दूर हों और मौजूदा औद्योगिक नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने उद्योगों से जुड़ी सभी मंजूरियों के लिए मैत्री पोर्टल का उपयोग अनिवार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने निवेशकों की शिकायतों के समाधान के लिए कॉल सेंटर शुरू करने और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित विश्लेषण के माध्यम से बार-बार आने वाली समस्याओं का स्थायी समाधान करने पर जोर दिया।
बैठक में मीडिया, केमिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, फार्मा, गारमेंट, एमएसएमई, बायोप्लास्टिक और अन्य औद्योगिक नीतियों की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने केमिकल पार्क, कन्वेंशन सेंटर और सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देकर रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को गति देने पर बल दिया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बैठक में यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नए औद्योगिक पार्कों और क्लस्टर्स में पानी, बिजली और लॉजिस्टिक्स जैसी जरूरी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। फडणवीस ने कहा कि जब बुनियादी ढांचा वैश्विक स्तर का होगा, तभी महाराष्ट्र देश और दुनिया के बड़े निवेशकों के लिए पहली पसंद बना रहेगा, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।