कोयला गैसीकरण का राष्ट्रीय हब बनेगा विदर्भ, केंद्र ने दी 37,500 करोड़ की मंजूरी, फडणवीस ने की बड़ी घोषणा

Nagpur Vidarbha Development News: सीएम फडणवीस ने विदर्भ को कोयला गैसीकरण का राष्ट्रीय हब बनाने का संकल्प लिया। केंद्र सरकार ने इसके लिए 37,500 करोड़ रुपये की ऐतिहासिक प्रोत्साहन राशि मंजूर की।
CM Fadnavis vows to make Vidarbha a national hub for coal gasification. Center approves ₹37,500 crore incentive package to boost energy self-reliance.
मुख्यमंत्री फडणवीस ने संकल्प लिया।
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Vidarbha Coal Gasification Devendra Fadnavis: भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री फडणवीस ने राज्य, विशेषकर विदर्भ को 'कोल गैसिफिकेशन' (कोयला गैसीकरण) का प्रमुख केंद्र बनाने का संकल्प जताया है। मुंबई में आयोजित 'सरफेस कोल, लिग्नाइट गैसिफिकेशन प्रमोशन रोड शो' के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कोयला गैसीकरण 'विकसित भारत' की नींव रखने में एक क्रांतिकारी भूमिका निभाएगा।

ऊर्जा स्वावलंबन और आर्थिक सुरक्षा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि वर्तमान में भारत को अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए तेल और गैस के आयात पर भारी विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ती है जिससे देश पर आर्थिक बोझ बढ़ता है। कोयला गैसीकरण इस स्थिति को बदलने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बताया कि भारत के पास 400 अरब टन कोयले का भंडार है जिसका उपयोग इथेनॉल, मिथेनॉल, यूरिया और अन्य रसायनों के उत्पादन में करके भारत न केवल अपनी आयात निर्भरता कम कर सकता है बल्कि औद्योगिक विकास को भी नई गति दे सकता है।

विदर्भ पर रहेगा विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विदर्भ में कोयले की प्रचुर उपलब्धता और वहां विकसित हो रही स्टील उद्योग की चेन को देखते हुए इसे 'कोल गैसिफिकेशन' का राष्ट्रीय हब बनाया जाएगा।

  • प्रोत्साहन : पूंजीगत अनुदान और अन्य रियायतें उपलब्ध कराई हैं।
  • सुविधाएं: परियोजनाओं के लिए 2,000 एकड़ जमीन आरक्षित की गई है।
  • सिंगल विंडो : 'मैत्री' पोर्टल के माध्यम से सभी जरूरी मंजूरियां निश्चित समय सीमा में देने की व्यवस्था की गई है।
  • उन्होंने बीपीसीएल, कोल इंडिया, अदाणी समूह जैसी कंपनियों द्वारा इस क्षेत्र में निवेश शुरू करने का उल्लेख करते हुए कहा कि कोयले को केवल कोयला न समझें, सही तकनीक और अवसर मिलने पर यह भी 'कोहिनूर' साबित हो सकता है।

37,500 करोड़ का प्रोत्साहन

केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने इस पहल को ऊर्जा क्षेत्र का 'अगला बड़ा परिवर्तन' करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा में ऐतिहासिक बदलाव देखा है और अब कोयला गैसीकरण इस सुधार की अगली कड़ी है।

केंद्रीय राज्य मंत्री सतीशचंद्र दुबे ने इस योजना की वित्तीय मजबूती पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि सरकार ने इस क्षेत्र के लिए 37,500 करोड़ रुपये की ऐतिहासिक प्रोत्साहन राशि मंजूर की है। भारत ने 2030 तक 100 मिलियन टन कोयला गैसीकरण का लक्ष्य रखा है जो मिथेनॉल और यूरिया जैसे उत्पादों के आयात को कम करने में मील का पत्थर साबित होगा।

'ग्रीन स्टील' और सतत विकास

कोयला गैसीकरण तकनीक न केवल ऊर्जा सुरक्षा प्रदान करेगी बल्कि 'कार्बन कैप्चर' तकनीक के माध्यम से प्रदूषण - को कम करने और उद्योगों को अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनाने में भी मदद करेगी। सरकार का मानना है कि केंद्र और राज्य के बीच का यह समन्वय देश को विनिर्माण के क्षेत्र में एक वैश्विक पावरहाउस बनाएगा।

इस आयोजन में केंद्रीय कोयला मंत्रालय के सचिव विक्रम देव दत्त, अतिरिक्त सचिव भूपिंदर ब्रार, सरोज कुमार झा सहित उद्योग जगत के दिग्गज और कई निवेशक उपस्थित थे। महाराष्ट्र का यह कदम देश के औद्योगिक मानचित्र पर विदर्भकी भूमिका को और अधिक महत्वपूर्ण बनाने वाला है।

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