मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया)
CM Devendra Fadnavis Assembly Speech: प्लास्टिक से बने कृत्रिम फूलों के उपयोग पर महाराष्ट्र सरकार सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रही है। प्राकृतिक फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार जल्द ही एक जीआर जारी करेगी। विधानसभा में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा करते हुए कहा कि कृत्रिम फूलों का उपयोग करने वाले मंगल कार्यालय (मैरिज हॉल) और डेकोरेशन व्यवसाय करने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक जयंत पाटिल ने विधानसभा में कहा कि कृत्रिम फूलों के बढ़ते इस्तेमाल से प्राकृतिक फूल उत्पादक किसान, विशेष रूप से कोल्हापुर के ग्रीनहाउस किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि देखने में आकर्षक लगने वाले कृत्रिम फूल पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बन रहे हैं। ये फूल बायोडिग्रेडेबल नहीं होते, जिससे प्लास्टिक कचरा बढ़ता है और पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। साथ ही इनके कारण प्राकृतिक फूल उगाने वाले किसानों की आय पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। सरकार ऐसे फूलों के उपयोग पर चरणबद्ध तरीके से पूर्ण प्रतिबंध लगाने की दिशा में काम कर रही है।
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विधानसभा में चर्चा के दौरान भाजपा विधायक विक्रम पाचपुते ने कृत्रिम फूलों में इस्तेमाल होने वाले टॉक्सिक रंगों और नैनो पार्टिकल्स से मानव स्वास्थ्य, खासकर बच्चों के मस्तिष्क पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव का मुद्दा उठाया। उन्होंने होली में उपयोग होने वाले जहरीले रंगों पर भी चिंता व्यक्त की।
मुंबई के फूल बाजार बंद होने से किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि नए नियम लागू होने के बाद डेकोरेटर्स और आयोजन स्थलों के लिए उनका पालन अनिवार्य होगा। पर्यावरण संरक्षण, किसानों के हित और जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सरकार कदम उठाएगी।