महाराष्ट्र सरकार का फैसला: होर्डिंग मालिकों को तगड़ा झटका, अब 5 साल बाद छिन जाएगी जगह, ई-टेंडर से होगा आवंटन

PWD Maharashtra Hoarding Policy: PWD की सड़कों और इमारतों पर होर्डिंग लगाने के नियमों में बदलाव। अब 5 साल बाद छिन जाएगी जगह, ई-टेंडर से होगा आवंटन। हर 6 महीने में सुरक्षा ऑडिट जरूरी।
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सड़कों पर होर्डिंग (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Maharashtra Government New Hoarding Policy: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में विज्ञापनों के होर्डिंग लगाने को लेकर नियमों में बड़े बदलाव किए हैं, जिससे विज्ञापन जगत और होर्डिंग मालिकों के बीच हड़कंप मच गया है। सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकार क्षेत्र में आने वाली सड़कों और इमारतों पर अब होर्डिंग लगाना न केवल महंगा होगा, बल्कि इसके लिए बेहद कड़े नियमों का पालन करना अनिवार्य कर दिया गया है।

सरकार द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, होर्डिंग मालिकों के लिए सबसे बड़ा झटका यह है कि अब किसी भी विज्ञापन फलक को लगाने की अनुमति केवल पाँच वर्षों के लिए वैध होगी। इस समय सीमा के समाप्त होने के बाद, संबंधित मालिक को किसी भी प्रकार का सेवा एक्सटेंशन नहीं दिया जाएगा। इसके बजाय, उस जगह के आवंटन के लिए फिर से ई-टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाएगी। 2016 के दिशा-निर्देशों के आधार पर जो भी उद्यमी सर्वोच्च बोली लगाएगा, उसे ही अगले कार्यकाल के लिए विज्ञापन के अधिकार दिए जाएंगे।

मंजूरी की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव

अब तक कई महत्वपूर्ण राजमार्गों और जगहों के लिए सरकारी स्तर पर मंजूरी लेनी पड़ती थी, लेकिन नई प्रणाली के तहत पारदर्शिता बढ़ाने के लिए इसे विकेंद्रीकृत कर दिया गया है। अब राज्य भर के PWD सड़कों, सरकारी इमारतों के परिसरों, उनकी छतों और मार्गाधिकार क्षेत्रों में होर्डिंग लगाने के सभी प्रस्तावों को संबंधित चीफ इंजीनियर स्तर पर ही मंजूरी दी जाएगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाना है।

सुरक्षा को लेकर कड़े प्रावधान: दुर्घटना पर मालिक की जिम्मेदारी

हाल के दिनों में होर्डिंग गिरने की घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। अब हर विज्ञापनदाता के लिए सुरक्षा गारंटी प्राप्त करना अनिवार्य होगा। यदि किसी होर्डिंग के कारण कोई दुर्घटना होती है, तो उसके लिए पूरी तरह से वह उद्यमी या मालिक जिम्मेदार होगा। इसके अलावा, सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी होर्डिंग का हर छह महीने में एक स्वतंत्र सरकारी संस्था द्वारा सुरक्षा ऑडिट किया जाएगा। विशेष रूप से मानसून के दौरान गहन जांच और विशेष निरीक्षण अनिवार्य कर दिया गया है ताकि तेज हवाओं या बारिश से कोई अनहोनी न हो।

सरकार के इस फैसले से यह स्पष्ट है कि अब भाई-भतीजावाद या पुराने संबंधों के आधार पर होर्डिंग की जगह कब्जाए रखना संभव नहीं होगा। ई-टेंडर से जहां सरकार के राजस्व में वृद्धि होगी, वहीं कड़े सुरक्षा ऑडिट से आम नागरिकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी। फिलहाल, इन नए नियमों ने उन विज्ञापनदाताओं की चिंता बढ़ा दी है जिनके होर्डिंग के अनुबंध जल्द ही समाप्त होने वाले हैं।

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