मुंबईकरों को मिलेंगे बड़े और आधुनिक घर, म्हाडा की नई समूह पुनर्विकास नीति लागू
Maharashtra Government ने मुंबई में म्हाडा के 20 एकड़ से बड़े प्रकल्पों के समूह पुनर्विकास को मंजूरी दी है। इससे निवासियों को आधुनिक सुविधाओं वाले बड़े और किफायती घर मिलेंगे।
- Written By: अपूर्वा नायक
महाडा (सौ. सोशल मीडिया )
MHADA Flats In Mumbai: महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई और उपनगरीय क्षेत्रों में महाराष्ट्र आवास और क्षेत्र विकास प्राधिकरण (म्हाडा) के बड़े आवासीय प्रकल्पों के समूह पुनर्विकास के लिए एक व्यापक नीति को मंजूरी दे दी है।
मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया गया कि 20 एकड़ या उससे अधिक क्षेत्रफल बाले महाढा के प्रकल्पों का एकीकृत समूह पुनर्विकास किया जाएगा।
इससे मुंबई शहर और उपनगरीय क्षेत्रों में नागरिकों के लिए बड़ी संख्या में किफायती आवास उपलब्ध होंगे। म्हाडा के मुंबई मंडल ने 1950 से 1960 के दशक के दौरान मध्यम आय वर्ग (एमआईजी) और निम्न आय वर्ग (एलआईजी) के नागरिकों के लिए 56 आवासीय कॉलोनियों का निर्माण किया था।
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इन कॉलोनियों में लगभग 5,000 सहकारी आवास समितियां स्थापित हैं। लेकिन 7 दशकों के बाद ये इमारतें पुरानी हो गई हैं और कई इमारतें बेहद जर्जर होकर खतरनाक अवस्था में पहुंच गई हैं। ऐसी स्थितियों को देखते हुए महाडा ने इन इमारतों के एकीकृत समूह पुनर्विकास के लिए एक व्यापक नीति तैयार की है।
नई नीति की प्रमुख विशेषताएं
नई नीति के अनुसार 20 एकड़ और उससे अधिक क्षेत्रफल वाले प्रकल्पों का म्हाडा एकीकृत समूह पुनर्विकास करेगा। इस पुनर्विकास के माध्यम से निवासियों को अत्याधुनिक मूलभूत सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इनमें आधुनिक सुविधाओं से लैस आवासीय इकाइयों, लिफ्ट सुविधा, विशाल पार्किंग स्थल, उद्यान, सामुदायिक हॉल, खेल के मैदान, जिम, स्विमिंग पूल और सीसीटीवी सुरक्षा व्यवस्था शामिल हैं।
इन क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति, सीवरेज निकासी, सड़कें, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं अत्याधुनिक संरचना के साथ विकसित की जाएंगी और ये पर्यावरण अनुकूल भी होंगी। इस पुनर्विकास के परिणामस्वरूप निवासियों को पहले की तुलना में बड़े आकार के आवास उपलब्ध होंगे।
समग्र योजना और विकास
इस पुनर्विकास का सबसे बड़ा लाभनिवासियों को मिलेगा, प्रकल्प की योजना में हरित क्षेत्र, स्कूल, स्वास्थ्य सुविधाएं और व्यावसायिक स्थानों का एकीकृत नियोजन किया जाएगा, जिससे संपूर्ण कॉलोनी का समग्र विकास सुनिश्चित होगा, यह दृष्टिकोण केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा।
बल्कि एक संपूर्ण आत्मनिर्भर समुदाय के विकास पर केंद्रित होगा। नई नीति की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसके तहत निवासियों को अधिकतम पुनर्वास कारपेट एरिया उपलब्ध कराया जाएगा, अर्थात उन्हें अपने वर्तमान घरों की तुलना में बड़े और बेहतर गुणवत्ता वाले घर मिलेंगे, यह न कि केवल इमारती के नवीनीकरण की बल्कि एक संपूर्ण टाउनशिप के विकास की योजना है।
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इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि निवासियों का जीवन स्तर एक ही झटके में काफी ऊपर उठ जाए, इसमें निविदा प्रक्रिया के माध्यम से नियुक्त किए जाने वाले डेवलपर के लिए आवास समितियों का सहमति प्रस्ताव प्राप्त करना अनिवार्य होगा, यह प्रावधान निवासियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करता है और पारदर्शिता को बढ़ावा देता है।
