

Maharashtra Fruit Safety: महाराष्ट्र के किसानों द्वारा उत्पादित उच्च गुणवत्ता वाले फलों और सब्जियों की साख बचाने के लिए राज्य सरकार ने अब कमर कस ली है। प्रदेश के विपणन मंत्री जयकुमार रावल ने स्पष्ट किया है कि किसानों के माल में मिलावट करने वाले और हानिकारक रसायनों का उपयोग करने वाले तत्व अब सरकार के रडार पर रहेंगे। सरकार को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि फलों की मिठास बढ़ाने, उन्हें कृत्रिम रूप से पकाने या अधिक आकर्षक दिखाने के लिए घातक रसायनों का सहारा लिया जा रहा है।
विपणन मंत्री ने जानकारी दी कि कृषि उपज मंडी समितियों (एपीएमसी), निजी बाजारों और प्रत्यक्ष विपणन प्रणालियों के माध्यम से होने वाली खरीद-बिक्री में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। शासन ने इस संबंध में एक महत्वपूर्ण परिपत्र जारी किया है, जिसमें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि मिलावट और हानिकारक रासायनिक प्रक्रियाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं। जयकुमार रावल ने कहा कि किसानों की मेहनत से उपजा माल उपभोक्ताओं तक सुरक्षित और शुद्ध रूप में पहुंचना अनिवार्य है।
पर्यावरण और स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, अब फल-सब्जियों के भंडारण और परिवहन में कम मोटाई वाले प्लास्टिक और थर्माकोल के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। सरकार ने इसके बजाय पर्यावरण के अनुकूल सामग्री के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं। बाजार समितियों को नियमित जांच करने और इन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मंत्री रावल ने चेतावनी दी है कि यदि अनाज, फल या सब्जियों में मिलावट का संदेह होता है, तो खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के समन्वय से 'खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006' के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि जो लाइसेंस धारक इस तरह की अवैध गतिविधियों में लिप्त पाए जाएंगे, उनके लाइसेंस तुरंत रद्द कर दिए जाएंगे। इस कदम का उद्देश्य बाजार में शुद्धता बनाए रखना और किसानों व उपभोक्ताओं दोनों के हितों की रक्षा करना है।