महाराष्ट्र में दूध मिलावटखोरों की खैर नहीं, FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे सख्त, भ्रामक विज्ञापन पर 10 लाख जुर्माना

Tukaram Mundhe Action: महाराष्ट्र में दूध में मिलावट रोकने के लिए FDA ने 'सेव फूड, सेव मिल्क' अभियान शुरू किया है। कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने भ्रामक विज्ञापनों पर 10 लाख जुर्माने की चेतावनी दी।
Maharashtra FDA Chief Tukaram Mundhe launched 'Save Food, Save Milk' campaign against adulteration. A fine of up to ₹10 lakh will be imposed on misleading ads.
दूध मिलावटखोरों तुकाराम मुंढे (साेर्स: नवभारत डिजाइन फोटो)
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Maharashtra Tukaram Mundhe FDA Milk Adulteration: राज्य में दूध और दुग्ध उत्पादों में मिलावट के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने चेतावनी दी है कि मिलावट करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। होटल, बेकरी और पनीर कारोबारियों के बाद अब दूध आपूर्ति श्रृंखला पर विशेष निगरानी शुरू कर दी गई है। इसी के तहत राज्यभर में 'सेव फूड, सेव डुग' अभियान शुरू किया गया है। अभियान के तहत दूध उत्पादन से लेकर उपभोक्ता तक पूरी आपूर्ति प्रक्रिया के लिए नई गाइडलाइन जारी की गई है, ताकि मिलावट पर रोक लगाकर सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दूध उपलब्ध कराया जा सके।

नई नियमावली दूध संग्रहण और शीतकरण केंद्रों, थोक-खुदरा विक्रेताओं, बल्क मिल्क सप्लायर्स, पैकेजिंग इकाइयों तथा पनीर, खोया, मक्खन, क्रीम, चीज और आइसक्रीम कारोबारियों सहित पूरी दूध आपूर्ति श्रृंखला पर लागू होगी। दूध की खरीद से लेकर बिक्री तक हर चरण में नियमों का पालन अनिवार्य रहेगा। आयुक्त मुंढे ने कहा कि उद्देश्य केवल मिलावट रोकना नहीं, बल्कि सुरक्षित खाद्य व्यवस्था और सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा करना है।

स्कूलों के आसपास भी सख्ती

मुंढे ने कहा कि स्कूलों और कॉलेजों के 500 मीटर के दायरे में क्या बेचा जा सकता है और क्या नहीं, इसे लेकर भी जल्द विस्तृत आदेश जारी किए जाएंगे। पहले से लागू नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा और बच्चों के स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले उत्पादों की बिक्री पर निगरानी रखी जाएगी।

दूध में मिलावट करने वाले हो जाएं सावधान !

उन्होंने लोगों से बिना सीलबंद दूध न खरीदने की अपील करते हुए कहा कि कच्चे दूध पर 'उबालकर सेवन करें' का उल्लेख अनिवार्य होगा। सिंथेटिक दूध को स्वास्थ्य के लिए खतरनाक बताते हुए उन्होंने नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी। एफडीए आयुक्त मुंढे ने स्पष्ट किया कि उत्पादों के बारे में भ्रामक या झूठे विज्ञापन करने पर अब 10 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा। पहले अपेक्षाकृत कम जुर्माना लगाया जाता था, लेकिन अब नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।

महाराष्ट्र में दुग्ध क्षेत्र के लिए अनुपालन आदेश जारी

मुंढे ने कहा कि हर नागरिक तक सुरक्षित और शुद्ध भोजन पहुंचाना विभाग का मिशन है। पूरी खाद्य आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाया जा रहा है और लोगों में जागरूकता फैलाने पर भी जोर दिया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी खाद्य उत्पाद को खरीदते समय लेबल और एक्सपायरी डेट अवश्य जांचें। एफएसएसएआई के नियमों के तहत स्टिंग, रेड बुल, पेप्सिको समेत 10-12 कंपनियों को नोटिस जारी कर उत्पादों पर 'एनर्जी ड्रिंक' शब्द हटाने के निर्देश दिए गए हैं। क्योंकि नियम इसके उपयोग की अनुमति नहीं देते।

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