एक्शन मोड में तुकाराम मुंढे! दूध में मिलावट करने वालों की अब खैर नहीं, लगेगा 10 लाख का जुर्माना

Tukaram Mundhe Action: महाराष्ट्र में दूध और डेयरी उत्पादों में मिलावट रोकने के लिए FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने सख्त नियम जारी किए हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर 10 लाख तक का जुर्माना लगेगा।
tukaram mundhe fda raid thane naupada outlet sealed
तुकाराम मुंढे (सोर्स: सोशल मीडिया)
Updated on

Tukaram Mundhe FDA Strict Rules: महाराष्ट्र में खाद्य पदार्थों, विशेषकर दूध और डेयरी उत्पादों में बढ़ती मिलावट को रोकने के लिए एफडीए के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। अपनी सख्त कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले आईएएस अधिकारी मुंढे ने दूध उत्पादकों और डेयरी प्रतिष्ठानों के लिए नई गाइडलाइन्स जारी की है। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को मिलावटमुक्त और शुद्ध दूध सुनिश्चित करना है।

नए नियमों के तहत पारदर्शिता अनिवार्य

तुकाराम मुंढे द्वारा घोषित नई नियमावली के अनुसार, अब दूध और उससे बने उत्पादों की बिक्री में पूर्ण पारदर्शिता बरतनी होगी। नियमों के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:

  • डिटेल जानकारी: अब आइस्क्रीम, कुल्फी और अन्य दुग्धजन्य पदार्थों के पैकेट पर यह स्पष्ट रूप से लिखना होगा कि उनमें किन सामग्रियों का उपयोग किया गया है।
  • ब्रांच कोड और सामग्री: फूड पैकेज पर ब्रांच कोड के साथ-साथ यह भी बताना अनिवार्य होगा कि उत्पाद में कौन सा 'कन्डेन्स मिल्क' या अन्य बाहरी पदार्थ मिलाए गए हैं।
  • पैकेजिंग से छेड़छाड़: उपभोक्ताओं और विक्रेताओं को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि यदि किसी सील पैक पदार्थ के साथ छेड़छाड़ की गई हो, तो उसकी खरीद या बिक्री बिल्कुल न करें।

गुमराह करने वालों पर गिरेगी गाज

प्रशासन ने मिलावटखोरों और भ्रामक प्रचार करने वालों के खिलाफ कड़े दंड का प्रावधान किया है। मुंढे ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई उत्पादक या विक्रेता मिलावट करते हुए पाया जाता है, या विज्ञापनों के जरिए ग्राहकों को गुमराह करने की कोशिश करता है, तो उस पर 10 लाख रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।

एक्शन मोड में मुंढे का अभियान

यह सख्त निर्णय राज्य भर में फैले मिलावट के जाल को तोड़ने के लिए लिया गया है, जिससे नागरिकों की सुरक्षा दांव पर लगी थी। गौरतलब है कि तुकाराम मुंढे पिछले कुछ समय से लगातार 'एक्शन मोड' में हैं। हाल ही में उनके नेतृत्व में की गई छापेमारी में एक ही दिन के भीतर 4 करोड़ रुपये का संदिग्ध स्टॉक जब्त किया गया था और इस मामले में 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

जनता की सुरक्षा सर्वोपरि

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तुकाराम मुंढे ने इस बात पर जोर दिया कि ग्राहकों को उनके द्वारा खरीदे जा रहे भोजन की शुद्धता जानने का पूरा अधिकार है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज होगा ताकि किसानों और उपभोक्ताओं, दोनों के हितों की रक्षा की जा सके।

इस नई नियमावली के लागू होने से महाराष्ट्र में दूध के व्यापार में लगे लोगों के बीच हड़कंप मच गया है। सरकार का मानना है कि इन कड़े नियमों और भारी जुर्माने के डर से मिलावटखोरी पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकेगा। फिलहाल, प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे जागरूक बनें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी विभाग को दें।

Navbharat Live
navbharatlive.com