

Maharashtra FDA Ban Beauty Creams: महाराष्ट्र खाद्य व औषधि प्रशासन ने पारा और सीसे की खतरनाक मात्रा पाए जाने के बाद 15 से अधिक सौंदर्य प्रसाधनों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। इन उत्पादों को गैर-मानक गुणवत्ता घोषित करते हुए बाजार से वापस मंगाने और उनकी बिक्री तत्काल बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस बीच विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ऐसी क्रीमों का लंबे समय तक इस्तेमाल त्वचा को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ गुर्दे, तंत्रिका तंत्र और प्रजनन क्षमता पर भी गंभीर असर डाल सकता है। ऐसे में उपभोक्ताओं से केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही प्रमाणित उत्पाद खरीदने की अपील की गई है। एफडीए के अनुसार हाल ही में प्रयोगशाला जांच में राज्यभर में बेची जा
रही कई ब्यूटी क्रीमों में पारा और सीसे की मात्रा निर्धारित सीमा से कहीं अधिक पाई गई। इसके बाद नियामक ने खुदरा विक्रेताओं, थोक कारोबारियों, वितरकों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों को इन उत्पादों की बिक्री तत्काल रोकने के साथ ही उन्हें बाजार से वापस मंगाने के निर्देश जारी किए। नांदेड़ में भी पाकिस्तान से आयातित करीब 39 लाख रुपए मूल्य की सौंदर्य क्रीम जब्त की गई।
त्वचा रोग विभाग विशेषज्ञ डॉ. अजय डोडेजा ने बताया कि पारा और सीसा युक्त क्रीमों के लगातार उपयोग से ये जहरीली धातुएं शरीर में जमा होने लगती है। शुरुआत में त्वचा में जलन, लालिमा, चकत्ते, त्वचा का पतला होना और रंग में बदलाव जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, लेकिन समय के साथ ये गुर्दों और तंत्रिका तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। इससे कंपकंपी, याददाश्त कमजोर होना, एकाग्रता में कमी और प्रजनन संबंधी समस्याएं भी हो सकती है।
एफडीए ने उपभोक्ताओं से केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही प्रमाणित और मानक गुणवत्ता वाले कॉस्मेटिक उत्पाद खरीदने की अपील की है। साथ ही किसी भी संदिग्ध या बिना प्रमाणित ब्यूटी प्रोडक्ट के उपयोग से बचने और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने को कहा गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खाद्य एवं औषधि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले उत्पादों और संबंधित कारोबारियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।