

Maharashtra Farm Land Registration: महाराष्ट्र सरकार ने किसानों और आम जनता को बड़ी राहत देते हुए खेती की जमीन के अलॉटमेंट सर्टिफिकेट पर लगने वाली पंजीकरण शुल्क पूरी तरह माफ कर दी है।
इस फैसले से जमीन से जुड़े मामलों में आर्थिक बोझ कम होगा और प्रक्रिया सरल बनेगी। यह निर्णय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले द्वारा लिया गया है। राजस्व विभाग ने सोमवार को इस संबंध में आधिकारिक सर्कुलर जारी कर दिया।
यह छूट महाराष्ट्र भूमि राजस्व संहिता 1966 के सेक्शन 85 के अंतर्गत आने वाले मामलों पर लागू होगी। इसके तहत तहसीलदार द्वारा जारी अलॉटमेंट सर्टिफिकेट के पंजीकरण पर अब कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
सरकार के संज्ञान में आया था कि कई लोग सीधे सेकेंडरी रजिस्ट्रार कार्यालय में अलॉटमेंट सर्टिफिकेट जमा कर रहे थे, जहां स्पष्ट प्रावधान न होने के कारण उनसे पंजीकरण शुल्क लिया जा रहा था। इस स्थिति से किसानों में भ्रम की स्थिति बनी हुई थी।
नए नियम के अनुसार, विरासत में मिली पुश्तैनी खेती की जमीन के पंजीकरण पर भी अब शुल्क नहीं लगेगा। साथ ही, एक ही परिवार के सदस्यों के बीच जमीन के बंटवारे के दस्तावेजों पर भी कोई फीस नहीं ली जाएगी।
सरकार के इस फैसले से किसानों के लिए जमीन से जुड़े कानूनी और प्रशासनिक कार्य आसान होंगे। साथ ही, इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और अनावश्यक खर्च से भी राहत मिलेगी।