

विजय वडेट्टीवार के अनुसार, महाराष्ट्र के 305 तालुकाओं में सूखे से किसान परेशान हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कर्ज वसूली रोकने के निर्देशों के बावजूद कुछ फाइनेंस कंपनियां वसूली कर रही हैं।
वडेट्टीवार ने फसल नुकसान, किसानों की आर्थिक तंगी और गन्ने के उचित दाम का मुद्दा भी उठाया।
Maharashtra Farmers Loan Recovery Allegations: मानसून के दौरान बादलों की बेरुखी के कारण महाराष्ट्र के 305 तालुकाओं के भयंकर सूखा पड़ गया है। किसानों की फसलें बर्बाद हो गई। पीने के पानी और पशुओं के चारे की गंभीर समस्या खड़ी हो गई हैं।
सरकार ने फिलहाल किसानों से कर्ज वसूली स्थगित करने का निर्देश बैंकों एवं फाइनेंस कंपनियों को दिया है। लेकिन कई फाइनेंस कंपनियां सरकारी आदेश को ठेंगा दिखाते हुए किसानों से कर्ज वसूली कर रही हैं।
इस बारे में विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि राज्य में किसान सूखे, फसल के नुकसान और आर्थिक तंगी के कारण परेशान हैं। सहकार मंत्री ने लोन को री-स्ट्रक्चर किया है और निर्देश दिया है कि किसानों से कोई वसूली न की जाए। जबकि असल में वसूली जारी है।
पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहे किसान गहरे तनाव में हैं। लेकिन दबाव बनाने के लिए कर्जदार किसान और उनके परिजनों को तस्वीर निकाली जा रहा है। किसान जीवित रहें या मर जाएं, सरकार को इसकी कोई चिंता नहीं है।
वडेट्टीवार ने किसानों का आव्हान करते हुए कहा कि यदि कोई जबरदस्ती वसूली, फोटो निकालने का प्रयास करे तो उसका विरोध करो, जरूरत पड़े तो जमकर पीटो।
कर्नाटक का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्य में किसानों को मदद मिल रही है, जबकि महाराष्ट्र राज्य का किसान असहाय है। सरकारी आदेश और घोषणाएं कागजों तक ही सीमित हैं। राज्य में गन्ना उत्पादक किसानों को सही दाम नहीं मिल रहा है और पांच हजार रुपए प्रति टन की मांग को लेकर आंदोलन चल रहा है।
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने परीक्षा शुल्क माफी के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि छात्रों के साथ छलावा हुआ है। उन्होंने कहा कि शुल्क माफी के आश्वासन के बावजूद कॉलेजों की ओर से विद्यार्थियों पर फीस भरने का दबाव बनाया जा रहा है।
इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। वडेट्टीवार ने यह भी आरोप लगाया कि अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने वाले युवाओं को जेल में डाला जा रहा है। उन्होंने युवाओं के आंदोलनों पर कार्रवाई को निंदनीय बताते हुए छात्रों को राहत देने की मांग की।