स्पेन जाएंगे गोविंदा: दहीहंडी उत्सव UNESCO ले जाने की तैयारी, सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने की पहल

Dahi Handi UNESCO World Heritage: महाराष्ट्र सरकार दहीहंडी को UNESCO विश्व विरासत सूची में शामिल कराने की तैयारी कर रही है। मंत्री आशीष शेलार ने गोविंदा पथकों को स्पेन भेजने की योजना बताई।
Minister Ashish Shelar
मंत्री आशीष शेलार(फोटो नवभारत)
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Maharashtra Dahi Handi UNESCO World Heritage: महाराष्ट्र के पारंपरिक दहीहंडी उत्सव को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की तैयारी शुरू हो गई है। सांस्कृतिक कार्य मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार ने कहा है कि राज्य सरकार दहीहंडी उत्सव को यूनेस्को की विश्व विरासत सूची तक ले जाने के लिए प्रयास कर रही है।

इसके साथ ही महाराष्ट्र के गोविंदा पथकों को स्पेन भेजने की योजना भी है। उन्होंने उत्सव के दौरान सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की। मुंबई के परेल स्थित मजदूर मंदिर में महाराष्ट्र राज्य दहीहंडी गोविंदा एसोसिएशन की ओर से कृष्णानंद समारोह आयोजित किया गया।

इसमें राज्यभर के महिला और पुरुष गोविंदा पथकों के साथ दहीहंडी से जुड़ी विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी और प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम में सामूहिक श्रीकृष्ण आरती भी की गई।

सुरक्षा नियमों का पालन जरूरी

मंत्री शेलार ने कहा कि दहीहंडी उत्सव का आयोजन अधिक अनुशासित तरीके से किया जाना चाहिए। गोविंदाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने मंडलों से यातायात और सुरक्षा नियमों का पालन करने तथा पैदल यात्रियों और नागरिकों को परेशानी नहीं होने देने की अपील की।

सुप्रीम कोर्ट की लड़ाई का उल्लेख

समारोह में मंत्री शेलार ने गोविंदा पथकों से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट तक चली लड़ाई का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सरकार के स्तर पर मजबूती से खड़े रहे। सरकार के ठोस पक्ष रखने के कारण यह लड़ाई जीती जा सकी।

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त्योहारों पर पाबंदी के पीछे शहरी नक्सलवाद

आशीष शेलार ने त्योहारों पर तरह-तरह के प्रतिबंध लगाने की मांग करने वाले संगठनों पर सीधा और गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव, दहीहंडी और नागपंचमी जैसे परंपरा से चले आ रहे त्योहारों पर सीमाएं तय करने और धीरे-धीरे उन्हें बंद कराने की मांग करने वाले लोगों की भूमिका संदिग्ध है।

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ऐसी पाबंदियों की वकालत करने वाले लोग 'शहरी नक्सलवाद' से जुड़े हैं। मंत्री ने स्पष्ट किया कि पर्यावरण, नागरिक सुरक्षा और यातायात का ध्यान रखना जरूरी है, लेकिन सुरक्षा के नाम पर मराठी और हिंदू त्योहारों को रोकने की कोशिशों को स्वीकार नहीं किया जाएगा और सरकार महाराष्ट्र की सांस्कृतिक परंपराओं की रक्षा करेगी।

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