शिवसेना में लौटते ही आनंद परांजपे को मिली सबसे बड़ी जिम्मेदारी! उपमुख्यमंत्री शिंदे ने सौंपी संगठन की कमान

Anand Paranjpe News: NCP छोड़ शिवसेना में घर वापसी करने वाले आनंद परांजपे को उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें पूरे महाराष्ट्र का राज्य संगठन प्रमुख नियुक्त किया।
eknath shinde appoints anand paranjpe as shiv sena state organization chief
आनंद परांजपे को नियुक्ति पत्र सौंपते शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे (सोर्स: एक्स@Shivsenaofc)
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Shinde Shiv State Organization Chief Anand Paranjpe: शिवसेना के प्रमुख व महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पूर्व सांसद आनंद परांजपे को संगठन स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए उन्हें शिवसेना का राज्य संगठन प्रमुख बनाया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख प्रवक्ता रहे आनंद परांजपे ने हाल ही में शिवसेना में प्रवेश किया था। 14 साल बाद अपनी पुरानी पार्टी शिवसेना में घर वापसी पर सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने आनंद परांजपे का स्वागत करते हुए कहा था कि आनंद परांजपे के संगठन कौशल का सही उपयोग शिवसेना में किया जाएगा।

आनंद परांजपे मिली शिवसेना संगठन प्रमुख की जिम्मेदारी

शिवसेना में प्रवेश करने के बाद आनंद परांजपे पूरी तरह सक्रिय हो गए। आनंद परांजपे के लंबे अनुभव को देखते हुए उन्हें शिवसेना का राज्य संगठन प्रमुख पद की जिम्मेदारी दी गई है। उनका कार्य क्षेत्र पूरा महाराष्ट्र होगा। शिवसेना युवा सेना के अध्यक्ष एवं सांसद श्रीकांत शिंदे के नेतृत्व में चल रहे राज्यव्यापी शिवसंवाद दौरे में भी शामिल हुए। शिवसेना का राज्य संगठक प्रमुख बनाए जाने पर आनंद परांजपे ने पार्टी के मुख्य नेता एकनाथ शिंदे एवं सांसद श्रीकांत शिंदे का आभार मानते हुए कहा कि राज्य भर में शिवसेना संगठन को मजबूत करने का कार्य किया जाएगा।

परांजपे परिवार और शिवसेना का नाता

उल्लेखनीय है कि परांजपे एवं शिवसेना का नाता अटूट रहा है। शिवसेना के ही टिकट पर आनंद परांजपे 2 बार सांसद बने। आनंद परांजपे के पिता स्व. प्रकाश परांजपे 1996 में पहली बार ठाणे से शिवसेना के सांसद बने थे। उस समय स्व. आनंद दिघे के कट्टर समर्थक माने जाने वाले प्रकाश परांजपे लगातार 4 बार शिवसेना के सांसद हुए।

वर्ष 2007 में प्रकाश परांजपे आकस्मिक मृत्यु के बाद उनके पुत्र आनंद परांजपे सीधे राजनीति में प्रवेश करते हुए उपचुनाव में सांसद बने। 2007 एवं 2009 में लोकसभा चुनाव में आनंद परांजपे की जीत में शिवसेना के तत्कालीन जिला प्रमुख एवं मौजूदा डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे का बड़ा योगदान रहा।

2012 शिवसेना छाेड़ NCP में शामिल हुए थे परांजपे

वर्ष 2012 में सांसद रहते आनंद परांजपे अचानक शिवसेना छोड़ कर शरद पवार के नेतृत्व वाली अविभाजीत एनसीपी में शामिल हो गए। परांजपे ने एनसीपी के टिकट पर दो बार लोकसभा का चुनाव भी लड़ा लेकिन सफल नहीं हुए। एनसीपी में टूट के बाद वे अजित पवार की पार्टी में शामिल हुए। आंनद परांजपे मुख्य प्रवक्ता, प्रदेश महासचिव सहित संगठन में कई अहम पदों पर कार्य कर रहे थे।

बारामती विमान हादसे में तत्कालीन डिप्टी सीएम अजित पवार के अचानक निधन के बाद आनंद परांजपे एनसीपी में घुटन महसूस कर रहे थे। आखिरकार उन्होंने अपनी पुरानी पार्टी शिवसेना में लौटने का फैसला किया और पार्टी के मुख्य नेता एकनाथ शिंदे एवं उनके पुत्र श्रीकांत शिंदे ने भी बड़ा दिल दिखाते हुए अपने पूर्व सांसद आनंद परांजपे की घर वापसी का स्वागत किया।

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