महाराष्ट्र में 10 हजार गांवों में शुरू होगी क्लाइमेट प्रूफ खेती, किसानों को मिलेगा बड़ा सहारा
Maharashtra Government ने जलवायु परिवर्तन से खेती पर बढ़ते प्रभाव को देखते हुए 10 हजार गांवों में क्लाइमेट प्रूफ खेती योजना शुरू करने की घोषणा की है, जिससे किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधाएं मिलेंगी।
- Written By: अपूर्वा नायक
सीएम देवेंद्र फडणवीस (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Maharashtra Climate Proof Farming: महाराष्ट्र में जलवायु परिवर्तन से खेती पर बढ़ते दबाव को देखते हुए राज्य सरकार ने किसानों के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य के 10 हजार गांवों में ‘क्लाइमेट प्रूफ’ खेती का प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा, जिसे विश्व बैंक का सहयोग मिलेगा।
सीएम देवेंद्र ने कहा कि परियोजना के तहत किसानों को जलवायु के अनुकूल कृषि तकनीक, बेहतर सिंचाई व्यवस्था और आधुनिक खेती के गुर सिखाए जाएंगे। इसका उद्देश्य पारंपरिक खेती में आने वाले जोखिम को कम करना और किसानों की आय को स्थिर बनाना है।
सम्बंधित ख़बरें
वाडी में तथागत गौतम बुद्ध जयंती के मौके पर “वॉक फॉर पीस एंड नेशन” वॉक थाम को उत्तम प्रतिसाद
महावितरण ने भी मनाया राज्य स्थापना दिन : प्रतिभाशाली जन मित्रों और मशीन संचालकों को सम्मानित किया
मीरा रोड चाकूबाजी केस: नोट, नफरत और नेटवर्क- क्या सच में ‘लोन वुल्फ’ हमला?
भाईंदर: घोड़बंदर रोड पर राहत की तैयारी, अंतिम चरण में 5 पैदल यात्री पुल का निर्माण
सिर्फ कर्ज माफी नहीं, स्थायी समाधान जरूरी राहुरी स्थित महात्मा फुले कृषि विश्वविद्यालय के 39वें दीक्षांत समारोह में बोलते हुए फडणवीस ने कहा कि केवल कर्ज माफी किसानों के लिए अस्थायी राहत है। खेती की समस्याओं का स्थाई समाधान टिकाऊ खेती पद्धतियों और नई फसल किस्मों के विकास से ही संभव है।
ये भी पढ़ें :- सलमान खान की फिल्म का बदला नाम, ‘बैटल ऑफ गलवान’ अब ‘मातृभूमि’
कृषि अनुसंधान संस्थानों की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को कर्ज के दुष्चक्र से बाहर निकालने के लिए आधुनिक कृषि अनुसंधान संस्थानों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। नई तकनीक और शोध के जरिए खेती को अधिक उत्पादक और सुरक्षित बनाया जा सकता है। पहले कृषि क्षेत्र को केवल सहायता और पुनर्वास तक सीमित माना जाता था, लेकिन वर्तमान सरकार सिंचाई, प्रोसेसिंग इंडस्ट्री, बाजार व्यवस्था और तकनीक में निवेश बढ़ाकर खेती को मजबूत और लाभदायक बनाने पर जोर दे रही है।
