महाराष्ट्र बोर्ड चीटिंग केस न्यूज़ (सौ. सोशल मीडिया )
Maharashtra Board Cheating Case: राज्य माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में हो रहे गैर-प्रकारों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई की है।
परीक्षा के दौरान सामने आए सामूहिक नकल (कॉपी) प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए मंडल ने कुल 103 शिक्षकों को निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई से शिक्षा क्षेत्र में बड़ी हलचल मच गई है।
परीक्षा केंद्रों पर हो रहे गैर-प्रकारों को रोकने के लिए बोर्ड ने इस बार सीसीटीवी निगरानी को और मजबूत किया था। इसका परिणाम भी सामने आया। सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच में कई केंद्रों पर सामूहिक नकल के चौंकाने वाले मामले उजागर हुए जहां नियमों की अनदेखी कर विद्यार्थियों को नकल करने में मदद दी जा रही थी, वहां की फुटेज को सबूत के रूप में इस्तेमाल किया गया।
जांच में दोषी पाए गए 103 शिक्षकों को निलंबित किया गया है। बोर्ड ने केवल निलंबन तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी है बल्कि परीक्षा की गोपनीयता भंग करने या नकल को बढ़ावा देने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
बीड़: कला व विज्ञान कनिष्ठ महाविद्यालय (केंद्र 224) में 10 फरवरी को पहले ही पेपर में सामूहिक नकल का मामला सामने आया। प्रशासन ने 17 कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें निलंबित किया, साथ ही यशवंत विद्यालय के केंद्र संचालक एएम राऊत को भी निलंबित किया गया।
छत्रपति संभाजीनगर: जैतापुर स्थित राष्ट्रीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (केंद्र 0079) में सीसीटीवी फुटेज में पर्यवेक्षक ही छात्रों को नकल में मदद करते हुए दिखाई दिए। इस मामले में 24 लोगों पर मामला दर्ज किया गया और 21 को निलंबित कर दिया गया।
वाशिम जिले में सबसे ज्यादा कार्रवाई की गई है। जुमडा फाटा के मैनागिरी महाराज कनिष्ठ महाविद्यालय में 16 फरवरी को भौतिकशास्त्र के पेपर में 581 छात्रों द्वारा सामूहिक नकल करने का मामला सामने आया। इसके अलावा शेंदूर्जाना आढाव में 3 कर्मचारी निलंबित, रुईगोस्ता में 5 कर्मचारी निलंबित, मांडवा में 7 कर्मचारी निलंबित, रिसोड में 3 कर्मचारी निलंबित और लेहणी केंद्र में 2 कर्मचारियों को निलंबित किया गया।
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नक्सल प्रभावित क्षेत्र में भी बोर्ड की नजर सख्त रही। ब्रोमनवार विद्यालय (केंद्र 615) में राज्यशास्त्र के पेपर के दौरान माइक्रो नोट्स और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से तैयार सामग्री का इस्तेमाल कर सामूहिक नकल कराई जा रही थी। इस मामले में 3 शिक्षक और 1 चपरासी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। राज्य बोर्ड की इस बड़ी कार्रवाई के बाद साफ संकेत मिल रहे हैं कि भविष्य में परीक्षा में किसी भी प्रकार के अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिक्षा मंडल ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।