कौन हैं सौरभ कटियार? जिन्होंने 9 महीने में बदल दिया मुंबई उपनगर का सिस्टम, 500 एकड़ जमीन मुक्त कराने का लक्ष्य

IAS Saurabh Katiyar: मुंबई उपनगर कलेक्टर सौरभ कटियार ने 'मॉडर्न सेतु' पहल से सरकारी सिस्टम को डिजिटल बनाया है। वे 500 एकड़ जमीन भू-माफिया से मुक्त कराने के मिशन पर हैं।
IAS Saurabh Katiyar And Devendra Fadnavis
IAS Saurabh Katiyar And Devendra Fadnavis (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
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Modern Setu Initiative By Saurabh Katiyar: महाराष्ट्र के प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों 2016 बैच के युवा आईएएस अधिकारी सौरभ कटियार के नाम की काफी चर्चा है। मुंबई उपनगर (Mumbai Suburban) के जिला कलेक्टर के रूप में कार्यभार संभालने के मात्र 9 महीनों के भीतर, कटियार ने सरकारी दफ्तरों की पारंपरिक और सुस्त कार्यप्रणाली को 'कॉर्पोरेट' रफ्तार दे दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के भरोसेमंद अधिकारियों में शुमार सौरभ कटियार ने 'मॉडर्न सेतु' (Modern Setu) नामक एक क्रांतिकारी पहल शुरू की है, जिसने गवर्नेंस के मायने बदल दिए हैं।

यह पहल मुंबई जैसे भागदौड़ वाले शहर में नागरिकों के लिए किसी वरदान से कम नहीं साबित हो रही है।

'मॉडर्न सेतु': सरकारी दफ्तर अब कॉर्पोरेट स्टाइल में

मुंबई उपनगर देश के सबसे घनी आबादी वाले जिलों में से एक है, जहाँ कुर्ला, अंधेरी और बोरीवली जैसे व्यस्त क्षेत्र आते हैं। रोजाना हजारों लोग जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेजों के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटते थे। सौरभ कटियार ने इस अनुभव को बदलने के लिए व्हाट्सएप ऑटोमेशन और मोबाइल सेतु आउटरीच जैसे डिजिटल समाधानों को लागू किया है। अब नागरिकों को लंबी कतारों में लगने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे न केवल समय की बचत हो रही है बल्कि भ्रष्टाचार की गुंजाइश भी कम हुई है।

भू-माफिया के खिलाफ 500 एकड़ की जंग

प्रशासनिक सुधारों के साथ-साथ सौरभ कटियार ने मुंबई की कीमती जमीन को बचाने का बीड़ा भी उठाया है। प्रभारी मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा की मौजूदगी में उन्होंने एक साहसी लक्ष्य तय किया है:

लक्ष्य: एक साल के भीतर मुंबई की 500 एकड़ सरकारी जमीन को भू-माफियाओं के कब्जे से मुक्त कराना।

उद्देश्य: इस मुक्त कराई गई जमीन का उपयोग आम मुंबईकरों के लिए गार्डन, खेल के मैदान और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं विकसित करने में किया जाएगा।

पहचान: अमरावती कलेक्टर रहते हुए भी उन्होंने अपनी 'प्रशासकीय गतिमानता' के लिए मुख्यमंत्री से पुरस्कार प्राप्त किया था, जिसे वे अब मुंबई में दोहरा रहे हैं।

कानपुर के टॉपर से मुंबई के 'मॉडर्न कलेक्टर' तक

सौरभ कटियार की सफलता की कहानी उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात से शुरू होती है। वे शुरू से ही मेधावी छात्र रहे हैं और उनकी शैक्षणिक यात्रा काफी प्रेरणादायक है:

यूपी बोर्ड टॉपर: 12वीं की परीक्षा में 92.20% अंकों के साथ पूरे प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल किया था।

IIT कानपुर के छात्र: उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी कानपुर से बी.टेक और एम.टेक की डिग्री ली है।

आईआरएस से आईएएस: 2014 में वे आईआरएस के लिए चुने गए थे, लेकिन उनका लक्ष्य आईएएस था। 2016 में उन्होंने 334वीं रैंक के साथ अपना सपना पूरा किया। उनकी पत्नी मोनिका चौधरी पेशे से एक जानी-मानी गायनोकोलॉजिस्ट हैं। आज उनकी मेहनत का नतीजा है कि मुंबई उपनगर जिले का चेहरा पूरी तरह बदल रहा है।

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