

Mumbai Local Train Update Panvel Karjat Corridor: मुंबई लोकल रेल नेटवर्क को नई लाइफलाइन देने वाला बहुप्रतीक्षित पनवेल-कर्जत रेल कॉरिडोर अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। मुंबई रेल विकास कार्पोरेशन के अनुसार 2,782 करोड़ रुपए की इस परियोजना का 98 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। नौ बड़े पुल, तीन सुरंगें और आधुनिक स्टेशन तैयार होने के साथ ही परिचालन की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। परियोजना शुरू होने पर कल्याण मार्ग पर बढ़ते रेल दबाव में कमी आएगी।
साथ ही मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट 3 के तहत बन रही 29.6 किलोमीटर लंबी दोहरी नई रेल लाइन से नवी मुंबई, रायगढ़ और कर्जत के बीच कनेक्टिविटी को नई गति मिलेगी। एमआरवीसी अधिकारियों के मुताबिक परियोजना के लिए आवश्यक सभी भूमि का अधिग्रहण पूरा कर लिया गया है। वन विभाग की मंजूरी सहित सभी महत्वपूर्ण वैधानिक मंजूरियां भी प्राप्त हो चुकी हैं।
इसके साथ ही अधिकांश प्रमुख सिविल कार्यों को अंतिम रूप दे दिया गया है। परियोजना के तहत सभी नौ प्रमुख पुल, 35 छोटे पुल, 16 अंडरब्रिज, पांच ओवरब्रिज, तीन सुरंगें और कर्जत रेल फ्लाईओवर का निर्माण पूरा हो चुका है। पनवेल रेल फ्लाईओवर का कार्य अंतिम चरण में है। वहीं मोहापे और किरावली के ओवरब्रिज जनता के उपयोग के लिए खोल दिए गए हैं। स्टेशन अवसंरचना का विकास भी तेजी से पूरा किया जा रहा है।
पनवेल, चिखले और मोहापे रेलवे स्टेशनों की इमारतें तैयार होकर सिस्टम इंस्टॉलेशन के लिए सौंप दी गई हैं। चौक और कर्जत स्टेशनों पर निर्माण कार्य अंतिम दौर में है। यहां प्लेटफॉर्म, लिफ्ट, सीढ़ियां और अन्य यात्री सुविधाएं लगभग तैयार हो चुकी है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक ट्रैक जोड़ने का काम लगभग पूरा हो गया है, जबकि सिग्नलिंग और दूरसंचार प्रणाली का कार्य भी उन्नत चरण में पहुंच चुका है, मोहापे और चौक स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम के लिए फैक्ट्री एक्सेप्टेंस टेस्ट सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं।
परियोजना के शुरू होने के बाद पनवेल और कर्जत के बीच एक समर्पित उपनगरीय रेल संपर्क उपलब्ध होगा। इससे यात्रियों को कल्याण जंक्शन होकर यात्रा करने के बजाय एक वैकल्पिक और सुविधाजनक मार्ग मिलेगा। रेलवे का मानना है कि नई लाइन से यात्रा समय में कमी आएगी, परिचालन क्षमता बढ़ेगी और उपनगरीय रेल नेटवर्क को अधिक लचीलापन मिलेगा।
यह कॉरिडोर नवी मुंबई, कर्जत और आसपास विकसित हो रहे आवासीय तथा औद्योगिक क्षेत्रों को भी नई गति देगा। साथ ही मुंबई महानगर क्षेत्र में प्रस्तावित प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं से पहले क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अधिकारियों के अनुसार परियोजना के पूर्ण होने के साथ ही मुंबई उपनगरीय रेल नेटवर्क को एक नई लाइफलाइन मिलेगी और भविष्य की बढ़ती यात्री मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।