गोरेगांव में GCF-12 पर बनेगा फ्लाईओवर, ओवरब्रिज निर्माण को मंजूरी, फाटक स्थायी रूप से होगा बंद

Goregaon Railway Overbridge: गोरेगांव के GCF-12 रेलवे फाटक पर रोड ओवर ब्रिज निर्माण को मंजूरी मिल गई है, जिसके बाद फाटक स्थायी रूप से बंद होगा और शहर में यातायात जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
Gondia Ballarshah railway
railway gate closure (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Gondia Ballarshah Railway: गोरेगांव में गोंदिया-बल्लारशाह रेलवे लाइन पर गोरेगांव-हिरापुर मार्ग स्थित GCF-12 मानव संचालित रेलवे फाटक के स्थान पर रोड ओवर ब्रिज (ROB) निर्माण को प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है। पुल का निर्माण पूर्ण होने के बाद उक्त रेलवे फाटक को स्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा। इससे वर्षों से चली आ रही यातायात समस्या से नागरिकों को राहत मिलेगी। इस संबंध में दपूम रेलवे नागपुर के प्रस्ताव को जिलाधिकारी कार्यालय गोंदिया तथा नगर पंचायत गोरेगांव द्वारा अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) प्रदान किया गया है।

रेलवे प्रशासन के अनुसार, गोंदिया-बल्लारशाह रेलवे लाइन के हिरडामाली रेलखंड में स्थित GCF-12 फाटक (लोकेशन क्र. 1016/7-8) गोरेगांव-हिरापुर मार्ग पर है। जून 2024 के TVU (ट्रैफिक व्हीकल यूनिट) सर्वे के अनुसार यहां प्रतिदिन लगभग 17,009 वाहनों का आवागमन होता है। फाटक पर ट्रेनों के लगातार आवागमन के कारण नागरिकों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। सबसे अधिक परेशानी आपातकालीन मरीजों को होती है।

विभागों से अनापत्ति प्रमाणपत्र मांगे

समस्या को देखते हुए तथा बढ़ते यातायात और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे बोर्ड की नीति के तहत चरणबद्ध तरीके से सभी लेवल क्रॉसिंग समाप्त कर उनके स्थान पर रोड ओवर ब्रिज या अंडरब्रिज निर्माण का निर्णय लिया गया है। 22 जनवरी 2025 को रेलवे विभाग ने जिला प्रशासन से फाटक बंद करने की अनुमति मांगी थी, जिसके बाद संबंधित विभागों से अनापत्ति प्रमाणपत्र मांगे गए। 9 फरवरी 2026 को नगर पंचायत गोरेगांव ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि ROB निर्माण के बाद मानव संचालित फाटक बंद करने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।

नागरिकों ने निर्णय का किया स्वागत

नगर पंचायत द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाणपत्र में कुछ शर्तें निर्धारित की गई हैं। आसपास के नागरिकों की सुविधाओं पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए, अनापत्ति केवल स्वीकृत स्थान, गट क्रमांक और भूखंड क्रमांक पर ही लागू रहेगी तथा योजना में परिवर्तन होने पर अनापत्ति स्वतः निरस्त मानी जाएगी। साथ ही आवश्यक अनुमति और पंजीयन नगर पंचायत कार्यालय में कराना अनिवार्य होगा तथा महाराष्ट्र नगर पंचायत अधिनियम, 1965 के प्रावधानों का पालन करना होगा।

अतिरिक्त जिलादंडाधिकारी भैय्यासाहेब बेहेरे द्वारा संबंधित विभागों को अनापत्ति प्रमाणपत्र शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। अब सभी प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं। रोड ओवर ब्रिज बनने से गोरेगांव शहर में यातायात जाम की समस्या कम होने की उम्मीद है। स्थानीय नागरिकों ने इस निर्णय का स्वागत किया है।

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