Mumbai Landslide: कुर्ला पश्चिम के अशोक नगर में बुधवार तड़के भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन में 3 बच्चों समेत 7 लोगों की मौत हो गई जबकि 7 अन्य घायल हो गए। हादसा चिराग नगर के अशोक नगर स्थित गौसिया चॉल में तड़के करीब 3.48 बजे हुआ। पहाड़ी का एक हिस्सा और भारी मलबा दो-तीन मकानों पर गिरने से यह हादसा हुआ। मलबे में दबे 7 लोगों को घाटकोपर स्थित बीएमसी के राजावाड़ी अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतकों की पहचान मोहम्मद समीर अंसारी, साहिल हुसैन अब्दुल काजी, अवान आरिफ शेख, मन्नत आरिफ शेख, मरजीना आरिफ शेख और विकेत यादव के रूप में हुई। एक मृतक की पहचान नहीं हो सकी। हादसे में घायल फराना दिलबर खान, दिलबर अमानुल्लाह खान और शमीम मुस्लिम खान को राजावाड़ी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
वहीं सोहेल अंसारी, मोहम्मद अंसारी, नईमुद्दीन इकबाल खान और साजिद अंसारी को कुलाँ स्थित मुंबई बीएमसी के भाभा अस्पताल में भर्ती कराया गया। सभी घायलों की हालत स्थिर बताई गई। घटनास्थल पर दमकल विभाग, पुलिस, एनडीआरएफ, एंबुलेंस सेवा और बीएमसी के वार्ड कर्मचारियों की टीमें तैनात हैं।
राहत एवं बचाव दल को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। विशाल चट्टानें कई मकानों पर गिर गई। घटनास्थल तक पहुंचने वाली गलियां महज तीन से साढ़े तीन फुट चौड़ी हैं।
भूस्खलन में पहाड़ी से बड़ी-बड़ी चट्टानें और भारी मलबा नीचे स्थित मकानों पर गिर गया। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
बचाव दल मलबे की जांच कर रहा है और प्रभावित क्षेत्र में राहत एवं बचाव अभियान जारी है। लगातार बारिश के कारण घटनास्थल पर अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है।
वर्ष 2025 अगस्त 2025 में साकीनाका के परेरा वाड़ी स्थित गुलाब बाबा सोसायटी के पास सुरक्षा दीवार गिरने से 45 वर्षीय मंगला गांवकर की मौत हो गई।
करीब 35 लोगों को अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थान पर भेजा गया। अप्रैल 2024 में भूस्खलन
घाटकोपर में पहाड़ी से पत्त्थर खिसककर नीचे बसी झोपड़ियों के पास गिरा। 10-12 झोपड़ियां खाली कराई गईं।
मुख्यमंत्री ने असल्फा पहाड़ी के ढलान का निरीक्षण कर सुरक्षा जाल लगाने के काम की समीक्षा की थी।
भारी बारिश के दौरान साकीनाका क्षेत्र में भूस्खलन की घटना हुई थी 30 अगस्त की रात हुए हादसे में एक व्यक्त्ति घायल हुआ था।
2005 में खाड़ी नंबर-3 में 78 लोगों की गई जान
26 जुलाई 2005 को मुंबई में हुई मूसलाधार बारिश और बाढ़ के दौरान साकीनाका के खाड़ी नंबर-3 क्षेत्र में भीषण भूस्खलन हुआ।
पहाड़ी का बड़ा हिस्सा खिसककर बस्ती पर आ गिरा, जिसमें कई घर और झोपड़ियां दब गईं। इस हादसे में 78 लोगों की मौत हुई। खाड़ी नंबर-3 को इसके बाद भी लंबे समय तक भूस्खलन की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र माना जाता रहा।