

Lalbaugcha Raja Visarjan Procession Girgaon Chowpatty: मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा की विसर्जन यात्रा गिरगांव चौपाटी के करीब पहुंच गई है। ढोल-ताशों की गूंज और भावुक माहौल के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने प्रिय बप्पा के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं। हालांकि, समुद्र में ज्वार-भाटा की स्थिति के चलते इस बार भी लालबागचा राजा के विसर्जन में देरी की संभावना जताई जा रही है।
लालबागचा राजा की प्रतिमा का विसर्जन अत्याधुनिक तराफे के जरिए समुद्र में किया जाता है। इसके लिए समुद्र में पर्याप्त पानी और सुरक्षित जलस्तर होना जरूरी है। ओहोटी के दौरान समुद्र का पानी काफी पीछे चला जाता है, जिससे प्रतिमा को तराफे के जरिए समुद्र में ले जाना मुश्किल हो सकता है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, शनिवार को समुद्र में पहली ओहोटी सुबह 5:22 बजे आई और उस समय जलस्तर करीब 0.97 मीटर दर्ज किया गया। ऐसे में विसर्जन के लिए अनुकूल जलस्तर का इंतजार करना पड़ सकता है।
साल 2025 में भी लालबागचा राजा के विसर्जन में समुद्र की स्थिति के कारण काफी देरी हुई थी। विसर्जन यात्रा सुबह करीब 7:30 बजे गिरगांव चौपाटी पहुंची थी। इसके बाद समुद्र में आई भरती के दौरान प्रतिमा को अत्याधुनिक तराफे पर चढ़ाने में तकनीकी दिक्कत सामने आई थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, तराफा पानी पर तैर रहा था, जबकि प्रतिमा की ट्रॉली पानी के नीचे थी। इस स्थिति में प्रतिमा को ट्रॉली से तराफे पर ले जाना मुश्किल हो गया था।
स्थिति को देखते हुए मंडल ने समुद्र का जलस्तर अनुकूल होने तक इंतजार किया था। कोली समुदाय के लोगों के साथ चर्चा के बाद भरती के दौरान विसर्जन नहीं करने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद करीब 33 घंटे बाद लालबागचा राजा का विसर्जन पूरा किया गया था।
लालबागचा राजा के विसर्जन से लाखों श्रद्धालुओं की भावनाएं जुड़ी हैं। हर साल मुंबई के अलावा महाराष्ट्र राज्य और देश के अन्य हिस्सों से भी बड़ी संख्या में भक्त लालबाग पहुंचते हैं। इस साल भी गिरगांव चौपाटी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मौजूद है।
समुद्र की स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रतिमा को सुरक्षित तरीके से समुद्र में उतारने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। प्रशासन, मंडल के कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं के सहयोग से विसर्जन को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने की तैयारी है।