

Mumbai Ganeshotsav Donations: मुंबई के विश्व प्रसिद्ध 'लालबागचा राजा' के दरबार में गणेशोत्सव के पहले दिन के बाद मंगलवार को पहली बार दानपेटी (दान पेटी) खोली गई। बप्पा के प्रति भक्तों की अगाध श्रद्धा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दानपात्र खोलते ही उसमें भारतीय नोटों के साथ-साथ अमेरिकी डॉलर, सोने की चेन और लकड़ी का बल्ला (Wooden Bat) जैसी अनोखी वस्तुएं चढ़ावे के रूप में मिलीं।
दानपेटी खुलने के बाद चढ़ावे की गिनती का काम आधिकारिक रूप से शुरू कर दिया गया है। लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल के कोषाध्यक्ष मंगेश दलवी के अनुसार, दान की गिनती के लिए बैंक ऑफ महाराष्ट्र के विशेषज्ञ कर्मचारी, बृहन्मुंबई नगर निगम के कर्मी, मंडल के सम्मानित सदस्य और सलाहकार समिति के अधिकारी तैनात किए गए हैं। दिनभर की गिनती के बाद राशि को उसी दिन शाम को बैंक ऑफ महाराष्ट्र में जमा करा दिया जाएगा।
मंडल के कोषाध्यक्ष मंगेश दलवी ने बताया कि 10 दिनों के उत्सव के दौरान भक्तों द्वारा चढ़ाई गई पूरी धनराशि का उपयोग मंडल द्वारा संचालित जनहितैषी और सामाजिक पहलों में किया जाता है। इस फंड से मंडल द्वारा मुफ़्त डायलिसिस सेंटर, मरीजों के इलाज के लिए मेडिकल सहायता योजना, कंप्यूटर सेंटर, लाइब्रेरी और बुक बैंक जैसी जन-कल्याणकारी योजनाएं चलाई जाती हैं।
दानपेटी से प्राप्त नकद राशि और विदेशी मुद्रा के साथ-साथ भारी मात्रा में सोने और चांदी के बहुमूल्य आभूषण भी मिले हैं, जिनकी शुद्धता और सटीक वजन का आकलन करने के लिए मंडल प्रशासन आधिकारिक धातु विशेषज्ञों और सर्राफा पारखियों की मदद ले रहा है।
आभूषणों को उनकी धातु, कैरेट और वजन के अनुसार अलग-अलग वर्गीकृत करके वर्तमान बाजार दर पर उनका कुल मूल्य तय किया जाएगा, और सुरक्षा एवं पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह पूरी मूल्यांकन प्रक्रिया अलग से संपन्न कर इसके आंकड़े गिनती पूरी होने पर सार्वजनिक किए जाएंगे।