Ladki Bahin Yojana: दिवाली से पहले लाडली बहनों को सरकार का तोहफा, खाते में जमा हुई सितंबर की 1,500 रुपये किस्त

Ladki Bahin Yojana: महाराष्ट्र सरकार ने लाडली बहनों के बैंक खातों में सितंबर की 1,500 रुपये की किस्त ट्रांसफर की। लेक लाडकी योजना में दस्तावेजों की जटिलता खत्म कर ऑनलाइन आवेदन शुरू।
Diwali gift for the 'Ladli Behna' beloved sisters of Maharashtra
लाडकी बहिन योजना फोटो सोर्स- AI
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Highlights

  • लाडकी बहीण योजना की सितंबर की ₹1,500 किस्त खातों में जमा।

  • लेक लाडकी योजना में दस्तावेजों की संख्या घटाकर आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन की गई।

  • योजना के 2,98,695 लाभार्थी हैं।

Maharashtra Ladki Bahin Yojana: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य की लाडली बहनों को दिवाली का गिफ्ट दिया है। मुख्यमंत्री लाडकी बहीन योजना के तहत हर महीने पात्र महिलाओं की दी जाने वाली 1,500 रुपये की सितबंर महीने की किस्त बहनों के बैंक खाते में जमा कर दी गई है।

इसके साथ ही लेक लाडकी योजना के नियमों में बदलाव किया गया है। लाडली बेटियों को दस्तावेजों की जटिलता से राहत दी गई है। दिवाली की पृष्ठभूमि में राज्य की महिलाओं को योजना की किस्त का इंतजार था।

आखिरकार राज्य सरकार ने सितंबर की किस्त आवंटित कर दी है। विधानसभा चुनाव से पहले इस योजना का शुभारंभ किया गया था। पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये हर महीने दिए जाते हैं। बाद में, सरकार ने यह भी कहा था कि यह रकम बढ़ाकर 2,100 रुपये कर दी जाएगी। हालांकि अभी तक महिलाओं को 1,500 रुपये किस्त मिल रही है। विपक्ष का आरोप है कि इस योजना के खर्च की वजह से राज्य के खजाने पर पैसे का बोझ बढ़ रहा है।

समाज कल्याण विभाग की अलग-अलग योजनाओं का पैसा इस योजना में लगाया जा रहा है। इस बीच योजना बंद होने की भी चर्चा थी। सरकार का साफ कहना है कि योजना किसी सूरत में बंद नहीं होगी। फिलहाल योजना के लाभार्थियों का वेरिफिकेशन भी चल रहा है। इस फेर में कई महिलाओं के आवेदन रिजेक्ट कर दिए गए हैं।

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नए GPR से ऑनलाइन प्रक्रिया

लेक लाडकी स्कीम के फायदे के लिए अब सीधे महाडीबीटी 2.0 पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन जमा किए जा सकते हैं। लाडकी बहिन योजना आवेदन से लेकर पंजीयन तक के मौजूदा स्टेटस को चेक करने की सभी प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है। पहले योजना के लिए आवेदक को आंगनवाड़ी सेंटर का चक्कर लगाना पड़ता था। उसके बाद प्रोजेक्ट लेवल पर फार्म इकट्ठा करके उस समय के पोर्टल पर रजिस्टर किया जाता था।

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ऐसी चल रही है प्रक्रिया

  • इसके बाद आवेदक की जांच की जाती थी और अप्रूवल प्रक्रिया पूरी की जाती थी।

  • अब एक नया गवर्नमेंट प्रोसेस रीऑर्गेनाइजेशन (जीपीआर) तैयार किया गया है। इसके तहत आवेदक को खुद ऑनलाइन फार्म जमा करने की सुविधा दी गई है।

  • आवेदन प्रकिया को सहज व सरल बना दिया गया है। साथ ही जमा किए जाने वाले दस्तावेजों की संख्या भी कम कर दी गई है।

  • फिलहाल इस योजना के लाभार्थियों की संख्या 2,98,695 है। यह जानकारी महिला व बाल कल्याण मंत्री अदिति तटकरे ने दी है।