'गद्दार' वाले बयान पर कुणाल कामरा की दो टूक, एकनाथ शिंदे से माफी मांगने से किया साफ इनकार, कहा- ये मेरा पेशा

Kunal Kamra Eknath Shinde Controversy: कॉमेडियन कुणाल कामरा ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को 'गद्दार' कहने के मामले में विशेषाधिकार समिति के सामने पेश हुई। उन्होंने माफी मांगने से इनकार कर दिया है।
Kunal Kamra refused to apologize to Eknath Shinde
कॉमेडियन कुणाल कामरा (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Kunal Kamra Apology Refusal: मशहूर स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका कोई नया शो नहीं, बल्कि महाराष्ट्र विधानमंडल की विशेषाधिकार समिति के सामने उनकी पेशी है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी और उन्हें 'गद्दार' कहने के मामले में कामरा ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपने बयान पर कायम हैं और किसी भी कीमत पर माफी नहीं मांगेंगे।

क्या है पूरा मामला?

बता दें कॉमेडियन कुणाल कामरा ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर आधारित एक व्यंग्यात्मक (Sarcastic) गीत सोशल मीडिया पर साझा किया था। इस वीडियो में कामरा ने एकनाथ शिंदे के खिलाफ कथित तौर पर बेहद अपमानजनक और उत्तेजक भाषा का प्रयोग किया। उन्होंने इस वीडियो में ‘गद्दार’, ‘दलबदलू’ और ‘फडणवीस की गोदी’ जैसे शब्दों और वाक्यों का प्रयोग किया था। सत्ताधारी दल के विधायकों ने इसे उपमुख्यमंत्री के पद की गरिमा का अपमान और विधानमंडल के विशेषाधिकार का हनन बताते हुए कामरा के खिलाफ नोटिस जारी किया था।

समिति के सामने क्या हुआ?

सुनवाई के दौरान जब समिति के सदस्यों ने कामरा से पूछा कि क्या उन्हें अपने किए पर पछतावा है या वे माफी मांगना चाहते हैं, तो कामरा ने बेहद बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे पर आधारित वह व्यंग्यात्मक गीत मेरी पेशेवर अभिव्यक्ति का हिस्सा था। एक कॉमेडियन के तौर पर व्यंग्य करना मेरा काम है। मुझे अपने कहे पर कोई खेद नहीं है और न ही मैंने कोई गलती की है।

कुणाल कामरा अब तक दो बार समिति के समक्ष उपस्थित हो चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपनी अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार का उपयोग कर रहे थे। समिति ने अब उन्हें अपना पक्ष लिखित रूप में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

आगे क्या हो सकता है?

कॉमेडियन कुणाल कामरा द्वारा माफी से इनकार करने के बाद अब सबकी नजरें विशेषाधिकार समिति के अगले कदम पर टिकी हैं। यदि समिति को लगता है कि कामरा का जवाब संतोषजनक नहीं है, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की जा सकती है। भारतीय संसदीय प्रक्रिया में विशेषाधिकार हनन एक गंभीर मामला माना जाता है, जिसमें सजा या जुर्माने का प्रावधान होता है।

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