खारघर में 127 पेड़ काटने के प्रस्ताव पर बवाल, पर्यावरणविदों ने जताया कड़ा विरोध

Navi Mumbai Environment Issue Trees: खारघर में भूमिगत केबल परियोजना के लिए 127 पेड़ों को काटने या स्थानांतरित करने के प्रस्ताव पर विरोध तेज हो गया है। पर्यावरणविदों ने इसे खतरनाक बताया है।
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Kharghar Tree Cutting CIDCO Project (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Kharghar Tree Cutting CIDCO Project: खारघर में भूमिगत बिजली केबल बिछाने के लिए 127 पेड़ों को काटने या स्थानांतरित करने के सिडको के प्रस्ताव के खिलाफ पर्यावरणविदों और नागरिक समूहों ने तीव्र विरोध जताया है।

एमएसईटीसीएल और एमएसईडीसीएल डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड से जुड़े इस प्रोजेक्ट की जानकारी एक अपेक्षाकृत कम चर्चित अखबार में प्रकाशित नोटिस के माध्यम से दी गई थी।

सिडको ने आपत्तियां आमंत्रित की थी, जिसकी अंतिम तिथि शुक्रवार को समाप्त हो गई। पेड़ों को ऐसे देखा जा रहा है, जैसे वे स्कूल के बच्चों के बढ़े हुए बाल हों, जब चाहो काट दो, वे फिर उग आएंगे, सिडको की पेड़ काटने की योजना पर तीखी नाराजगी व्यक्त की जा रही है।

असंतुलित हो सकता है पर्यावरण

उन्होंने चेतावनी दी कि एक साथ इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई से पर्यावरण असंतुलन पैदा हो सकता है, इसके प्रभावों को आसानी से सुधारा नहीं जा सकेगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इससे भविष्य में बड़े पैमाने पर पेड़ कटाई को बढ़ावा मिलने का खतरा है, उन्होंने कहा कि पेड़ों का प्रत्यारोपण और क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण अवसर प्रभावी साबित नहीं होते। इसलिए वैकल्पिक योजना अपनाएं।

एवरी ट्री मैटर अभियान किया गया शुरू

नेट कनेक्ट फाउंडेशन ने एवरी ट्री मैटर अभियान शुरू कर जनमत और नीतिगत ध्यान आकर्षित करने की पहल की है। संस्था ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि सिडको, एनएमएमसी, एमएमआरडीए और बीएमसी सहित सरकारी एजेंसियां हरित आवरण बढ़ाने पर ध्यान दें, न कि उसे कम करें। खारघर हिल एंड वेटलै फोरम की संयोजक ज्योति नाडकर्णी ने अपनी आपत्ति में इस प्रस्ताव को कम से कम कहें तो बेहद आपत्तिजनक बताया, उन्होंने कहा कि जिन पेड़ों को हटाने का प्रस्ताव है, वे लंबे समय से मौजूद हरित क्षेत्र का हिस्सा है, जो तापमान नियंत्रित करने, वायु गुणवत्ता सुधारने और जैव विविधता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिनकी भरपाई आसान नहीं है।

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