कांदिवली शताब्दी अस्पताल में अव्यवस्था, OPD के लिए लग रही लंबी कतारें, डॉक्टरों की कमी से मरीज परेशान

Kandivali Shatabdi Hospital: कांदिवली के शताब्दी अस्पताल में डॉक्टरों की कमी और ओपीडी की लंबी कतारों से मरीज परेशान हैं। बीएमसी ने भगवती अस्पताल शुरू कर स्थिति सुधारने का आश्वासन दिया है।
Long queues for OPD at Kandivali Shatabdi Hospital; patients distressed due to a shortage of doctors
कांदिवली शताब्दी अस्पताल सोर्स- सोशल मीडिया
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OPD Case Paper Window Rush Kandivali Hospital: कांदिवली पश्चिम स्थित भारतरत्न डॉ बाबासाहेब आंबेडकर मनपा सर्वसाधारण रुग्णालय 'शताब्दी हॉस्पिटल' में मरीजों की संख्या में बेतहाशा बढ़ोत्तरी की वजह से ओपीडी के लिए लगी कतारों में मरीजों और उनके परिजनों का बुरा हाल हो रहा है। केस पेपर बनवाने के लिए जूने केस पेपर पर स्टांप लगाने के लिए लंबी-लंबी कतारें लगी रहती हैं।

केस पेपर बनाने वाली खिड़कियां 6 हैं लेकिन 3 बंद ही रहती है। जिससे वर्कलोड और बढ़ गया है। कतारों में अफरा-तफरी का माहौल बना रहता है। शताब्दी हॉस्पिटल के परिसर में लोगों में झगड़ा तो आम बात हो गई है।

कतार में बीच में घुसने वाले हों या फिर बुजुर्गों से बदतमीजी करने वाले, मारपीट करने वाले, हर तरह के लोग आपको कतार में मिल जाएंगे, इलाज के लिए आई एक महिला ने बताया, यहां दहिसर, भाईंदर, वसई और विरार से लोग यहां इलाज के लिए आते हैं।

ऐसे में मरीजों की सुरक्षा का ध्यान अस्पताल के परिसर में रखा जाना चाहिए। मरीजों का संघर्ष सिर्फ ओपीडी के केस पेपर बनवाने वाली कतार में ही समाप्त नहीं होता बल्कि उसके आगे की मुश्किलें भी कम कठिन नहीं है।

उसके बाद फिर एक और कतार लगती है जो आपको अस्पताल के अंदर प्रवेश पाने के लिए लगानी होती है।

मुंबई शहर में कांदिवली अस्पताल के अंदर पहुंचने के बाद एक और कतार लगती है, वो आपको सम्बंधित डॉक्टर के पास पहुंचने में मदद करती है। डॉक्टर को दिखाने के बाद एक और कतार लगती है जहां आपको लिखी हुई दवाइयां मिलती है।

सभी कतारों में 100 से अधिक लोग आपके आगे पीछे होते हैं। हर कतार में मरीज और उसका परिजन संघर्ष करता है। बेशक उसे दवा मिल जाती पर पर सवाल वही है कि वो इससे खुश नहीं होता।

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चिकित्सकों की कमी ने मरीजों की बढ़ाई मुश्किलें

नवभारत से बात करते हुए एक मरीज ने बताया की सर्दी-खांसी की दवा लेने में 3 घंटे बर्बाद हो जाते हैं ऐसे में अधिकतर लोग जो यहां आना चाहते हुए भी नहीं आते और वो आस-पास के अयोग्य डॉक्टर से ही अपना इलाज करवा लेते हैं।

उन्होंने ये भी बताया कि पहले यहां हर बीमारी के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की पूरी टीम रहती थी। लेकिन अब डॉक्टरों का अकाल सा लगता है।

चिकित्सकों की कमी ने मरीजों की मुश्किलें बढ़ाई है। उन्होंने कहा सिर्फ ओपीडी ही नहीं ऊपर भी हाल बुरा है। कई मरीज एक ही बेड पर पड़े हुए है और उनका इलाज चल रहा है।

मुंबई बीएमसी की तरफ से आश्वासन दिया गया है कि जल्द ही मुंबई शहर के उपनगरीय इलाको में भगवती अस्पताल को शुरू किया जाएगा और उपनगरीय इलाकों में मौजूद बीएमसी के प्राथमिक उपचार केंद्रों और अस्पतालों में चिकित्सकों की संख्या को बढ़ाया जाएगा।

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