

Mira Bhayandar Municipal Corporation: मीरा-भाईंदर में गणेशोत्सव के दौरान प्रतिमा विसर्जन को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए अग्निशमन विभाग ने शहर के चौपाटी, प्राकृतिक और कृत्रिम तालाबों पर अधिकारियों व कर्मचारियों की तैनाती की थी।
हालांकि, मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रकाश बोराडे के निर्देश के बावजूद डेढ़, तीन, पांच और सात दिन के गणपति विसर्जन के दौरान कुछ कर्मचारियों के निर्धारित ड्यूटी पर उपस्थित नहीं होने का आरोप सामने आया है।
अग्निशमन विभाग के कुछ कर्मचारियों का दावा है कि निर्धारित ड्यूटी पर कुछ केंद्र अधिकारी और कर्मचारी मौजूद नहीं थे। कर्मचारियों के अनुसार केंद्र अधिकारी प्रशांत गुरव, प्रशांत बोराडे, राकेश ऑब्रे समेत कुछ कर्मियों की गैरहाजिरी के कारण मौके पर मौजूद अधिकारियों और जवानों को अतिरिक्त जिम्मेदारी संभालनी पड़ी।
इस स्थिति को लेकर ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों में नाराजगी भी देखी गई। उनका कहना है कि विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच सुरक्षा व्यवस्था संभालने का अतिरिक्त दबाव मौजूद कर्मचारियों पर आया।
अग्निशमन विभाग की ओर से 18 सितंबर को पांच दिन के गणपति विसर्जन, 19 सितंबर को गौरी विसर्जन, 20 सितंबर को सात दिन के गणपति विसर्जन और 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के लिए सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश जारी किए गए थे।
इन सभी दिनों में दोपहर 3 बजे से अंतिम विसर्जन तक कर्मचारियों को तैनात रहने के निर्देश दिए गए थे। प्रभाग 1 से 6 तक के अग्निशमन केंद्र अधिकारियों को नियंत्रण अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई थी।
उत्तन समुद्र किनारे 10, मोरवा, राई, मुर्धा समेत अन्य तालाबों पर 2 से 3 कर्मचारी तैनात किए गए थे। मीरा-भाईंदर पश्चिम खाड़ी क्षेत्र में 16 कर्मचारियों की तैनाती की गई थी।
इसके अलावा जैसल पार्क की नई और पुरानी चौपाटी पर क्रमशः 6 और 17 अग्निशमन कर्मचारियों को तैनात किया गया था। इन स्थानों पर विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए व्यवस्था की गई थी।
ड्यूटी से अनुपस्थिति के आरोपों के बीच अब यह सवाल उठ रहा है कि निर्धारित सुरक्षा व्यवस्था में सभी कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए विभाग की ओर से क्या निगरानी व्यवस्था अपनाई गई थी।