

कांदिवली में पोईसर नदी परियोजना के लिए झोपड़ियां हटाने की कार्रवाई शुरू।
पात्र झोपड़ीधारकों को वैकल्पिक आवास देने की प्रक्रिया जारी।
नदी संरक्षण और 6 मीटर चौड़ा रास्ता बनाने की योजना।
Kandivali Poisar River Redevelopment: कांदिवली पूर्व के जनता नगर परिसर में पोईसर नदी के पुनर्विकास और नदी किनारों के संरक्षण की परियोजना को लेकर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने कार्रवाई तेज कर दी है। परियोजना से प्रभावित होने वाली झोपड़ियों को हटाने की प्रक्रिया 27 अक्टूबर 2026 से शुरू की गई है। इसके तहत नदी किनारे आवागमन के लिए छह मीटर चौड़ा प्रवेश मार्ग विकसित करने की योजना है।
बीएमसी की ओर से इस संबंध में सार्वजनिक सूचना जारी की गई थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, झोपड़ी क्रमांक 301 से 536 तक के पात्र झोपड़ीधारकों को वैकल्पिक सदनिका उपलब्ध कराने की प्रक्रिया के बाद बाधित झोपड़ियों को हटाने की कार्रवाई आगे बढ़ाई गई है।
परियोजना के तहत प्रभावित परिवारों के पुनर्वसन का मुद्दा भी अहम है। पात्र झोपड़ीधारकों को वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया के साथ निष्कासन की कार्रवाई की जा रही है।
पुनर्विकास परियोजना का मुख्य उद्देश्य पोईसर नदी का पुनर्विकास करना, नदी के किनारों को संरक्षित करना और आसपास के क्षेत्र में आवागमन की सुविधा बेहतर बनाना है। इसके लिए छह मीटर चौड़ा प्रवेश मार्ग विकसित किया जाएगा। इससे स्थानीय लोगों को आने-जाने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
पोईसर नदी पुनर्विकास परियोजना से क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं और संपर्क मार्गों में सुधार की संभावना है। हालांकि, परियोजना से प्रभावित परिवारों के लिए पुनर्वसन की व्यवस्था महत्वपूर्ण बनी हुई है। पात्र झोपड़ीधारकों को वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराने और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
मुंबई बीएमसी की इस परियोजना का असर जनता नगर के नदी किनारे बसे इलाकों पर पड़ेगा। आगे की कार्रवाई और पुनर्वसन की प्रक्रिया के दौरान प्रभावित परिवारों को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाएं महत्वपूर्ण रहेंगी।