

Highlights:
कांदिवली पूर्व के सिंह एस्टेट-ठाकुर विलेज डीपी रोड पर लगातार सड़क हादसों से नागरिकों में चिंता।
वायरल वीडियो में पांच मिनट के भीतर 14 हादसों का दावा, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, हाल के दिनों में सड़क हादसों में दो लोगों की मौत और चार गंभीर रूप से घायल।
Kandivali Road Accidents: कांदिवली पूर्व स्थित सिंह एस्टेट को ठाकुर विलेज से जोड़ने वाले डीपी रोड पर सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे स्थानीय नागरिकों में भारी रोष और चिंता का माहौल है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ है, जिसमें महज पांच मिनट के भीतर इस मार्ग पर 14 एक्सीडेंट होने का सनसनीखेज दावा किया गया है। हालांकि, इस वायरल दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब से इस सड़क का निर्माण हुआ है, तब से यहां लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। पिछले कुछ दिनों के दौरान यहां हुई विभिन्न सड़क दुर्घटनाओं में 2 लोगों की मौत होने और 4 लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की बात भी सामने आई है, जिसने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि इस मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। सड़क के दोनों तरफ अवैध पार्किंग की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे पहले से ही व्यस्त रहने वाला मार्ग और अधिक संकरा हो जाता है।
इन तमाम समस्याओं के बीच आवारा कुत्तों का आतंक भी स्थानीय लोगों के लिए एक गंभीर मुसीबत बन चुका है। लोगों के अनुसार, खुले में चलने वाले फूड स्टाल्स के आसपास बड़ी संख्या में आवारा कुत्ते मंडराते रहते हैं। इसके चलते अब तक राहगीरों को कुत्तों के काटने की दो से तीन घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं, जिससे पैदल चलने वालों विशेषकर बुजुर्गों और बच्चों में भारी डर का माहौल है। सड़क पर आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं का डर, अनियंत्रित अवैध पार्किंग, देर रात तक होने वाला शोरगुल और आवारा कुत्तों का आतंक अब स्थानीय निवासियों के दैनिक जीवन को प्रभावित कर रहा है।
इसके अलावा, रात के दो बजे तक खाने-पीने के अवैध स्टॉल और दुकानें खुली रहती हैं, जिसके कारण सड़क पर भारी भीड़भाड़ और यातायात जाम हमेशा बनी रहती है। नागरिकों का यह भी कहना है कि देर रात तक चलने वाली इन गतिविधियों की वजह से इस क्षेत्र में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा भी काफी बढ़ गया है। इससे आसपास की सोसाइटियों और इमारतों में रहने वाले रहिवासियों के मन में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है।
नागरिकों का कहना है कि जिस सड़क से क्षेत्र के लोगों को सुगम और सुरक्षित आवागमन की उम्मीद थी, वही मार्ग अब उनके लिए जानलेवा साबित हो रहा है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए स्थानीय नागरिकों ने मुंबई ट्रैफिक पुलिस, बृहन्मुंबई महानगरपालिका और स्थानीय प्रशासन से तत्काल सख्त कदम उठाने की मांग की है। लोगों की मांग है कि डीपी रोड पर अवैध पार्किंग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, देर रात तक गैरकानूनी तरीके से संचालित होने वाले स्टॉल और दुकानों पर लगाम लगाई जाए तथा आवारा कुत्तों की समस्या का स्थाई समाधान निकाला जाए।