गाेपीचंद पडलकर व जयंत पाटिल, इनसेट- अशोक खरात (सोर्स: सोशल मीडिया)
Gopichand Padalkar Allegations On Jayant Patil: महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया और बेहद चौंकाने वाला विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक गोपीचंद पडलकर ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दिग्गज नेता जयंत पाटिल पर बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। पडलकर का दावा है कि जयंत पाटिल ने अपने राजनीतिक करियर को चमकाने की कोशिश में ‘भोंदू बाबा’ अशोक खरात के माध्यम से कथित तौर पर इंसानी खून से स्नान किया था।
बुधवार को मुंबई में मीडिया से बात करते हुए भाजपा विधायक गाेपीचंद पडलकर ने दावा किया कि जयंत पाटिल अपने बेटे के साथ ईशान्येश्वर मंदिर गए थे, जिसे भोंदूबाबा अशोक खरात चलाता था। पडलकर ने कहा कि खरात एक बार सांगली के ईश्वरपुर भी गया था, जहां उसने कथित तौर पर जयंत पाटिल को खून से नहलाया था। पडलकर ने इस मामले की गहन जांच की मांग करते हुए कहा कि पुलिस को संदेह है कि खरात ने नरबलि जैसे घृणित कृत्य भी किए होंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि यह सच है, तो उस खून का स्रोत क्या था और उसकी पहचान उजागर होनी चाहिए।
पडलकर ने जयंत पाटिल और NCP की विचारधारा पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि एक तरफ ये नेता खुद को फुले, शाहू और अंबेडकर के सिद्धांतों पर चलने वाला ‘प्रगतिशील’ बताते हैं, लेकिन दूसरी तरफ गुपचुप तरीके से ऐसे ढोंगी बाबाओं को अपने घरों में बुलाकर पूजा-पाठ और अंधविश्वास वाले काम करते हैं। पडलकर ने यहां तक तंज कसा कि राजनीतिक ताकत पाने के लिए शायद जयंत पाटिल ने उस बाबा का पेशाब भी पिया हो। उन्होंने दावा किया कि वह उस वीडियो का इंतजार कर रहे हैं जिसमें पाटिल अपने सिर पर पवित्र कलश रखकर पूजा करते दिखेंगे।
इस विवाद में केवल अंधविश्वास ही नहीं, बल्कि भारी भ्रष्टाचार के आरोप भी शामिल हैं। पडलकर ने आरोप लगाया कि जब जयंत पाटिल जल संसाधन मंत्री थे, तब उन्होंने विशेष रूप से अशोक खरात को पानी पहुंचाने के लिए 40 किलोमीटर लंबी पानी की पाइपलाइन मंजूर की थी। पडलकर के अनुसार, यह इस बात का प्रमाण है कि पाटिल और खरात के बीच गहरे संबंध थे।
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भाजपा विधायक पडलकर ने जयंत पाटिल के राजनीतिक सफर पर निशाना साधते हुए कहा कि जो नेता कभी मुख्यमंत्री बनने का सपना देखते थे, वे अब जिला परिषद और ग्राम पंचायत स्तर की राजनीति तक सिमट गए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि महाराष्ट्र छत्रपति शिवाजी महाराज और संतों की भूमि है, जहां अशोक खरात जैसे धोखेबाजों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।