Year Ender: 2025 में IPO से बदली किस्मत, 5 स्टार्टअप फाउंडर बने अरबपति

Startup IPO 2025: 2025 के IPO बूम ने भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई ऊंचाई दी है। फिजिक्सवाला, लेंसकार्ट और ग्रो जैसे स्टार्टअप्स से 5 नए अरबपति उभरे हैं।
IPO Market
आईपीओ मार्केट (सौ. सोशल मीडिया )
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Mumbai News In Hindi: साल 2025 भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए आईपीओ के लिहाज से बेहद खास साबित हो रहा है। इस साल आए आईपीओ बूम ने अब तक 5 नए स्टार्टअप अरबपति तैयार कर दिए हैं।

आंकड़ों पर नजर डालें तो 2025 में अब तक 6 स्टार्टअप कंपनियों ने मिलकर 27,081 करोड़ रुपये जुटाए हैं, जो निवेशकों के बढ़ते भरोसे और बाजार की मजबूत धारणा को दर्शाता है।

ये है टॉप 5 स्टार्टअप अरबपति

एडटेक कंपनी फिजिक्सवाला के सह-संस्थापक अलख पांडे और प्रतीक बूब इस सूची में सबसे ऊपर हैं। दोनों की अनुमानित नेटवर्थ करीब 1.51 बिलियन डॉलर आंकी गई है।

फिजिक्सवाला के शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद निवेशकों को शानदार रिटर्न मिला है। कंपनी के शेयर इश्यू प्राइस की तुलना में करीब 321 फीसदी की जबरदस्त बढ़त दर्ज कर चुके हैं। दोनों संस्थापकों के पास कंपनी में कुल 36.15 फीसदी हिस्सेदारी है, जिससे उनकी संपत्ति में तेज इजाफा हुआ।

आईवियर ब्रांड लेंसकार्ट के संस्थापक पीयूष बंसल और उनके परिवार भी नए स्टार्टअप अरबपतियों की सूची में शामिल हो गए हैं। उनकी कुल नेटवर्थ भी लगभग 1.51 बिलियन डॉलर बताई जा रही है। हालांकि लेंसकार्ट के शेयर आईपीओ के दिन इश्यू प्राइस से करीब 3 फीसदी नीचे खुले थे, लेकिन बाद में बाजार में मजबूत रिकवरी देखने को मिली। फिलहाल कंपनी के शेयर आईपीओ कीमत से करीब 12.4 फीसदी ऊपर कारोबार कर रहे हैं। पीयूष बंसल और उनके परिवार की लेंसकार्ट में 17.41 फीसदी हिस्सेदारी है।

फिनटेक और ई-कॉमर्स सेक्टर से जुड़े अन्य नाम भी इस लिस्ट में उभरे हैं। ग्रो (Groww) के संस्थापक ललित केशरे की नेटवर्थ लगभग 1.01 बिलियन डॉलर आंकी गई है। उनके पास कंपनी में 8.87 फीसदी हिस्सेदारी है। वहीं सोशल कॉमर्स प्लेटफॉर्म मीशो के सह-संस्थापक विदित आत्रे भी करीब 1.01 बिलियन डॉलर की नेटवर्थ के साथ इस क्लब में शामिल हो गए हैं। मीशो में उनकी हिस्सेदारी 10.12 फीसदी बताई जा रही है।

इन नए अरबपतियों की सूची यह संकेत देती है कि भारत में स्टार्टअप्स और आईपीओ बाजार की रफ्तार फिलहाल थमने वाली नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा ट्रेंड को देखते हुए 2026 में भी आईपीओ और स्टार्टअप निवेश का माहौल मजबूत बना रह सकता है।

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