Pune-Pimpri: रोहित पवार का बड़ा ऐलान, पीएमसी-पीसीएमसी में एकजुट होगी एनसीपी

Maharashtra Local Body Election: पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ मनपा चुनावों में एनसीपी के अजीत पवार और शरद पवार गुट साथ चुनाव लड़ेंगे। विधायक रोहित पवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका ऐलान किया।
Ajit Pawar And Sharad Pawar
अजित पवार और शरद पवार (सौ. सोशल मीडिया )
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Pune News In Hindi: पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका चुनावों को लेकर बीते कई दिनों से जारी अटकलों पर अब विराम लग गया है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने साफ कर दिया है कि पुणे महानगरपालिका (PMC) और पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका (PCMC) के आगामी चुनावों में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों गुट-अजीत पवार गुट और शरद पवार गुट-एक साथ मिलकर चुनाव मैदान में उतरेंगे।

रोहित पवार ने यह घोषणा पुणे में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की। उनके इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। खासतौर पर यह फैसला शहरी निकाय चुनावों के लिहाज से अहम माना जा रहा है, क्योंकि पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ दोनों ही क्षेत्रों में एनसीपी का मजबूत आधार रहा है।

एकजुट होकर चुनाव लड़ने का रास्ता

रोहित पवार ने बताया कि यह निर्णय किसी एक नेता के स्तर पर नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं से विचार-विमर्श के बाद लिया गया है। कार्यकर्ताओं की भावनाओं और संगठन की मजबूती को ध्यान में रखते हुए दोनों गुटों ने एकजुट होकर चुनाव लड़ने का रास्ता चुना है। उनका कहना था कि कार्यकर्ता चाहते थे कि आपसी मतभेदों को किनारे रखकर पार्टी की ताकत को एक मंच पर लाया जाए।

चुनाव चिन्ह को लेकर रोहित पवार ने स्पष्ट किया कि इस संबंध में अंतिम स्थिति नामांकन प्रक्रिया और ए तथा बी फॉर्म के वितरण के बाद ही साफ हो पाएगी। जानकारी के अनुसार, मंगलवार को ‘घड़ी’ और ‘तुरही’-दोनों चुनाव चिन्हों पर संबंधित फॉर्म वितरित किए जाएंगे। इसके बाद यह तय होगा कि किस गुट को कितनी सीटों पर उम्मीदवार उतारने का अवसर मिलेगा।

राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि हाल ही में बारामती में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान गौतम अडाणी के साथ मंच साझा करने के बाद चाचा-भतीजे, यानी शरद पवार और अजीत पवार के बीच की दूरी कुछ हद तक कम हुई है। इसी पृष्ठभूमि में दोनों गुटों का नगर निगम चुनावों में साथ आना राजनीतिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

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