Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • मध्य प्रदेश
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

ईस्ट इंडिया कंपनी से तुलना कर निवेशक ने भारतीय अमीरों को घेरा, स्टार्टअप फंडिंग पर उठाए सवाल

India Rich Investors Risk: वेंचर कैपिटलिस्ट शंकर ने भारत के अमीर निवेशकों की जोखिम लेने से सवाल उठाए हैं। उन्होेंने कहा है कि सोने में बंद पूंजी देश के स्टार्टअप विकास की रफ्तार धीमी कर रही है।

  • Written By: अपूर्वा नायक
Updated On: May 28, 2026 | 07:12 AM

इंडिया स्टार्टअप फंडिंग क्राइसिस (सौ. AI Image)

Follow Us
Close
Follow Us:

India Rich Investors Risk Capital News: ईस्ट इंडिया कंपनी भारत इसलिए आ सकी थी, क्योंकि लंदन के निवेशकों का समूह एक अज्ञात भविष्य पर बड़ा और अप्रत्याशित जोखिम लेने के लिए तैयार था। लेकिन, भारत के सबसे अमीर और सबसे बड़े व्यापारिक घराने आज भी रिस्क लेने से बच रहे हैं।

उन्होंने अपना पैसा रियल एस्टेट और सोने के रूप में सुरक्षित कर रखा है। टॉप के 1% अमीरों की यही सोच देश के इनोवेशन और आरएंडडी विकास में बाधा बन रही है। ये लोग इनोवेशन इकोनॉमी (नवाचार अर्थव्यवस्था) को जोखिम पूंजी (रिस्क कैपिटल) से वंचित कर रहे हैं।

वेंचर कैपिटलिस्ट शंकर ने सोशल मीडिया पोस्ट में यह सवाल उठाए हैं। उन्होंने तर्क दिया कि भारत के पास पूंजी की कमी नहीं है, बल्कि समस्या यह है कि भारतीय पूंजीपति साहस के साथ पूंजी लगाने से कतराता है।

सम्बंधित ख़बरें

AI के कारण व्हाइट-कॉलर कर्मचारियों पर मंडरा रहा खतरा, 2030 तक 18 मिलियन नौकरियां होगी प्रभावित

Yavatmal: कत्ल के लिए तेलंगाना ले जाए जा रहे 28 गोवंशीय पशु मुक्त; पिकअप वाहन सहित 9.40 लाख का माल जब्त

Yavatmal:झाड़ियों में बिना चारा-पानी बांधे थे मवेशी; अज्ञात आरोपियों पर मामला दर्ज, 28 गोवंशीय पशु मुक्त

Veer Savarkar: सेलुलर जेल की वो 7X11 की कोठरी, जहां सावरकर ने कीलों को कलम और दीवारों को बना दिया था किताब

भारत के सबसे अमीर 1% लोग अपनी कुल संपत्ति का लगभग 60% हिस्सा रियल एस्टेट और सोने में रखते हैं। उन्होंने उन खरबों रुपयों की ओर इशारा किया जो अपार्टमेंट्स, भौतिक संपत्तियों और आभूषणों में बंद पड़े हैं।

कंपनी भारतीय, मालिक विदेशी भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम डिफेंस टेक्नोलॉजी (रक्षा तकनीक), एयरोस्पेस, क्लाइमेट टेक, ऑटोनॉमस सिस्टम्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में कंपनियां बनाने वाले महत्वाकांक्षी संस्थापकों को लगातार तैयार कर रहा है। लेकिन, इन कंपनियों को सहारा देने वाला अधिकांश पैसा अभी भी विदेशी निवेशकों से आता है। “रॉकेट भारत बना रहा है, लेकिन उसकी इक्विटी (स्वामित्व) का मालिक कोई और बन रहा है।”

ईस्ट इंडिया कंपनी से तुलना

शंकर ने लिखा कि सन 1600 में, अंग्रेज व्यापारियों ने हजारों मील दूर एक अज्ञात बाजार को लक्षित करके एक उच्च जोखिम वाले उद्यम में पैसा इकट्टा किया था। इसकी कोई गारंटी नहीं थी, कोई स्थापित बिजनेस मॉडल नहीं था और यह भी निश्चित नहीं था कि जहाज वापस लौटेंगे या नहीं। सग्रेजों ने सोना खरीदकर और उसे बिस्तर के नीचे रखकर साम्राज्य नहीं बनाया था। उन्होंने अज्ञात क्षेत्रों में अभियानों को फंड देकर इसे खड़ा किया था।”

ये भी पढ़ें :- Nagpur Weather: नागपुर में भीषण लू का रेड अलर्ट, 45 डिग्री तापमान के साथ लू का कहर, जानें आज मौसम के मिजाज

यह बेहद विनाशकारी

शंकर के अनुसार उपनिवेश (गुलाम) रहे लोगों के वंशजों ने अब पूंजी के साथ एक ऐसा रिश्ता अपना लिया है जो बेहद जोखिम से डरने वाला, सामंती और शोषक है। उन्होंने तर्क दिया कि भारतीय संस्थापकों को फंड देने के बजाय, अमीर परिवार दूसरे फ्लैट और तीसरे फ्लैट में पैसा डालना जारी रख रहे हैं, जबकि विदेशी निवेशक भारत की स्टार्टअप क्रांति के मुनाफे पर कब्जा कर रहे है।

India rich investors risk capital startup innovation crisis

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: May 28, 2026 | 07:12 AM

Topics:  

  • Business News
  • Maharashtra News
  • Mumbai News

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.