

साहिल वाकोड़े के माता-पिता ने प्रो. डुला की गिरफ्तारी की मांग की।
क्राइम ब्रांच अब तक करीब 40 लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है।
न्याय की मांग को लेकर माता-पिता 14 दिनों से भूख हड़ताल पर।
IIT Bombay Student Sahil Wakode Death: आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोड़े की मौत के मामले में उनके माता-पिता ने गुरुवार को मुंबई पुलिस के संयुक्त पुलिस आयुक्त (क्राइम) अनिल कुंभारे से मुलाकात की।
उन्होंने जांच की प्रगति के बारे में जानकारी मांगी और मामले में नामजद प्रोफेसर की तत्काल गिरफ्तारी की मांग उठाई। इस दौरान सांसद और मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ के साथ विधायक अमीन पटेल और असलम शेख भी मौजूद रहे।
मुलाकात के दौरान नेताओं ने मामले की जांच को लेकर चिंता जताई। उन्होंने प्रोफेसर सूर्यनारायण डुला के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
साहिल के पिता रवींद्र वाकोड़े की शिकायत के आधार पर दर्ज एफआईआर में प्रोफेसर डुला समेत संस्थान के कुछ अधिकारियों के नाम शामिल हैं। पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी-एसटी कानून के तहत धाराएं लगाई हैं।
साहिल 18 सितंबर को हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटके मिले थे। आईआईटी बॉम्बे के अनुसार, उसी दिन आयोजित परीक्षा के दौरान साहिल पर मोबाइल फोन इस्तेमाल करने का आरोप लगा था। संस्थान का कहना है कि उन्होंने प्रश्नपत्र एआई प्लेटफॉर्म पर डालकर जवाब पूछे थे। उस परीक्षा में प्रोफेसर सूर्यनारायण डुला निगरानी कर रहे थे।
वहीं, साहिल के परिवार का आरोप है कि उन्हें निलंबन की धमकी दी गई और जाति के आधार पर परेशान किया गया। संस्थान ने इन आरोपों से इनकार किया है। उसका कहना है कि साहिल को समझाया गया था कि परीक्षा से जुड़ी घटना का उनके करियर पर असर नहीं पड़ेगा।
मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। पुलिस अब तक करीब 40 लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है। इनमें साहिल के माता-पिता, साथी छात्र और हॉस्टल स्टाफ शामिल हैं।
जांच के तहत सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। दूसरी ओर, संस्थान ने मामले की आंतरिक जांच के लिए दस सदस्यों की समिति बनाई है।
साहिल की मौत के बाद आईआईटी बॉम्बे परिसर में छात्रों ने प्रदर्शन कर 18 मांगें रखी थीं। उधर, साहिल के माता-पिता बीते 14 दिनों से मुंबई शहर के आजाद मैदान में भूख हड़ताल पर बैठे हैं। परिवार का कहना है कि प्रोफेसर सूर्यनारायण डुला और संस्थान के निदेशक शिरीष केदारे की गिरफ्तारी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
मामले में पुलिस जांच जारी है। आरोपों की पुष्टि और जिम्मेदारी तय होना जांच तथा कानूनी प्रक्रिया के नतीजों पर निर्भर करेगा।