

IAS Tukaram Mundhe FDA Action: महाराष्ट्र के सबसे चर्चित और कड़क मिजाज IAS अधिकारियों में शुमार तुकाराम मुंढे एक बार फिर सुर्खियों में हैं। मुंढे को प्रशासन में जिस भी विभाग की कमान सौंपी जाती है, वे वहां अपनी एक छाप छोड़ देते हैं। लगातार तबादलों के बावजूद उनके काम करने का सख्त तरीका कभी नहीं बदला। नियमों का उल्लंघन करने वालों और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ उनका 'नो-टॉलरेंस' रवैया हमेशा की तरह बरकरार है।
हाल ही में महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के कमिश्नर का पदभार संभालने के बाद उन्होंने विभाग की कार्यशैली को बदल दिया है। FDA कमिश्नर का पद संभालते ही मुंढे के निर्देशन में राज्यभर में मिलावटखोरों और अवैध कारोबार करने वालों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू हो गई है।
IAS तुकाराम मुंढे के एक्शन में आते ही FDA की टीमों ने महज एक हफ्ते के अंदर FDA ने 103 जगहों पर छापे मारे और 102 लोगों को गिरफ्तार किया। इन ऑपरेशन्स ने मिलावट करने वालों के दिलों में खौफ पैदा कर दिया है। इस कार्रवाई के तहत, 86 दुकानों को सील कर दिया गया और 34 लाख का सामान जब्त किया गया। कोंकण डिवीजन में 46 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि मुंबई में 22 जगहों पर कार्रवाई की गई, जिसके परिणामस्वरूप 23 लोगों को गिरफ़्तार किया गया।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने पुणे जिले के आंबेगांव और खेड़ तालुकों में पांच जगहों पर अचानक छापे मारे। इन छापों के दौरान, 19 लाख रुपए से ज्यादा की कीमत का सामान जब्त किया गया। आंबेगांव तहसील खास तौर पर मंचर में यह पता चला कि 'साईराज पान एंड टी हाउस' और 'समीक्षा कोल्ड ड्रिंक, जनरल एंड किराना स्टोर' के पीछे बने छोटे-छोटे गोदामों से 30,395 रुपए की कीमत का गुटखा, पान मसाला और खाने के दूसरे ऐसे ही बैन प्रोडक्ट बेचे जा रहे थे।
बता दें कि IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे ने 25 मई 2026 को महाराष्ट्र के अन्न एवं औषध प्रशासन (FDA) के आयुक्त के रूप में कार्यभार संभाला। महज 20 साल के प्रशासनिक करियर में यह उनका 25वां तबादला है। इससे पहले वे दिव्यांग कल्याण विभाग में आयुक्त के रूप में कार्यरत थे।