

Maharashtra Energy Sector Transformation: महाराष्ट्र ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के साथ ग्रीन एनर्जी में देश के सबसे बड़े हब के रूप में उभरा है। महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लि. (महावितरण) के माध्यम से ऊर्जा परिवर्तन, किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराने के लिए सौर ऊर्जा के प्रभावी क्रियान्वयन, डिजिटल तकनीक से विद्युत वितरण व्यवस्था में सुधार आदि नवाचार के चलते महाराष्ट्र ने ऊर्जा के मामले में नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
इन उपलब्धियों के पीछे राज्य के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी महावितरण के अध्यक्ष एवं एमडी लोकेश चंद्र का नाम प्रमुखता से लिया जा सकता है। जिन्होंने मुख्यमंत्री एवं ऊर्जा मंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में राज्य में एनर्जी सेक्टर की तस्वीर बदल दी है।
महावितरण के CMD तथा मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव लोकेश चंद्र को राज्य के ऊर्जा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित ‘ET Energy Leadership Awards 2026’ में ‘Chief Executive Award– Energy Leadership’ से सम्मानित किया गया। नई दिल्ली में आयोजित समारोह में उन्हें यह पुरस्कार दिया गया। उन्हें यह राष्ट्रीय पुरस्कार नवाचार, हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने और बिजली वितरण व्यवस्था में सुधार के लिए प्रदान किया गया।
लोकेश चंद्र के नेतृत्व में महावितरण ने ऊर्जा क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग को बढ़ावा दिया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बिजली खरीद की प्रक्रिया में AI के प्रभावी इस्तेमाल से महावितरण को करीब 1,200 करोड़ रुपये की बचत हुई है। यही नहीं बल्कि लोकेश चंद्र ने बिजली खरीद को अधिक कुशल और डेटा आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए महावितरण को घाटे से उबारते हुए लाभ देने वाली कंपनी बनाने में भूमिका निभाई है।
आईएएस लोकेश चन्द्र के कार्यों से जुड़ी एक और उल्लेखनीय उपलब्धि एक ही महीने में लगभग 46,000 सौर कृषि पंप स्थापित करने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड है। यह उपलब्धि महाराष्ट्र में सौर ऊर्जा के तेजी से विस्तार और कृषि क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा के इस्तेमाल को दर्शाती है। ‘ET Energy Leadership Awards 2026’ में मिला यह सम्मान महाराष्ट्र के ऊर्जा क्षेत्र में हो रहे तकनीकी, हरित और प्रशासनिक बदलावों के लिए लोकेश चंद्र के नेतृत्व की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान के रूप में देखा जा रहा है।
राज्य के ऊर्जा क्षेत्र में आए इस क्रांतिकारी परिवर्तन का मॉडल पड़ोसी राज्य भी अपनाना चाह रहे हैं। हरित ऊर्जा में महाराष्ट्र मॉडल की इस सफलता से प्रेरित होकर पिछले दिनों राजस्थान की सरकार ने लोकेश चंद्र एवं राज्य ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव व संबंधित अधिकारियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया था।