ईरान ही नहीं, पूरी दुनिया के लिए खतरा हैं डोनाल्ड ट्रंप, हुसैन दलवई ने भारत को लेकर कही ये बड़ी बात

Hussain Dalwai Statement: हुसैन दलवई ने डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों को वैश्विक खतरा बताते हुए भारत के लिए बड़े नुकसान की आशंका जताई है। जानें इजरायल-ईरान संघर्ष और एसआईटी रिपोर्ट पर उनका पूरा बयान।
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हुसैन दलवई (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Hussain Dalwai Statement On Donald Trump: कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार की नीतियों और मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम पर सवाल उठाए। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों, इज़रायल-ईरान संघर्ष, राम मंदिर से जुड़ी एसआईटी रिपोर्ट, महाराष्ट्र की राजनीति और कॉमेडियन समय रैना के मामले पर अपनी राय व्यक्त की।

कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप केवल ईरान को ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया को प्रभावित कर रहे हैं। भारत के नेताओं को भी यह समझना चाहिए कि ट्रंप की नीतियों का सबसे अधिक नुकसान भारत जैसे देशों को हो सकता है। दुनिया के देशों को एकजुट होकर ट्रंप को स्पष्ट संदेश देना चाहिए कि इस तरह की नीतियां स्वीकार्य नहीं हैं।

इजरायल की स्थिति पर भी बोले सरकार

इजरायल की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए दलवई ने कहा कि वहां जिस प्रकार निर्दोष लोगों, विशेषकर बच्चों की मौत हो रही है, उस पर भी सरकार को खुलकर बोलना चाहिए। मानवीय मूल्यों के खिलाफ होने वाली घटनाओं पर चुप्पी उचित नहीं है।

राम मंदिर से संबंधित एसआईटी रिपोर्ट पर पूछे गए सवाल के जवाब में दलवई ने कहा कि उन्होंने जगद्गुरु शंकराचार्य का बयान सुना है। उनके अनुसार, शंकराचार्य ने कहा है कि इस जांच से कोई ठोस परिणाम निकलने की संभावना नहीं है, क्योंकि जांच करने वाले अधिकारी भी सरकार के ही अधीन हैं।

भाजपा और आरएसएस की राजनीति

दलवई ने यह भी कहा कि शंकराचार्य का मानना है कि यह केवल राम मंदिर का विषय नहीं, बल्कि भाजपा और आरएसएस की राजनीति से जुड़ा मुद्दा है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस विषय पर कई साधु-संत शंकराचार्य की राय से सहमत नहीं हैं। महाराष्ट्र की राजनीति पर बोलते हुए दलवई ने कहा कि कुछ नेता दिल्ली जाकर अपनी राजनीतिक उपलब्धियां दिखाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि उन्हें मंत्री पद मिल सके।

वहीं, एनसीपी नेताओं और देवेंद्र फडणवीस की बैठक को लेकर उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि इससे कोई बड़ा राजनीतिक बदलाव होगा। उन्होंने कहा कि विचारधारा से जुड़े नेता भाजपा में नहीं जाएंगे, जबकि केवल राजनीतिक लाभ या व्यक्तिगत स्वार्थ देखने वाले कुछ लोग ऐसा कदम उठा सकते हैं।

समस रैना पर भी बाले दलवई

कॉमेडियन समय रैना पर लगाए गए जुर्माने के संबंध में दलवई ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अशोभनीय या आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं होनी चाहिए, लेकिन इतनी बड़ी सजा देना भी उचित नहीं लगता। उन्होंने आशंका जताई कि यदि सरकार सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अभिव्यक्ति पर अत्यधिक निगरानी रखेगी, तो इससे लोकतांत्रिक माहौल प्रभावित हो सकता है।

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